Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर ओमान (मस्कट) में फंसी सिमडेगा की प्रवासी श्रमिक प्रीति कुजूर की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित कराई गई. श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास, मस्कट के सहयोग से सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कराईं. प्रीति 1 अगस्त 2026 को भारत के लिए रवाना हो चुकी हैं और 2 अगस्त को झारखंड पहुंचेंगी.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई त्वरित कार्रवाई
सोशल मीडिया के माध्यम से मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. इसके बाद राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेंट्स (POE), रांची और भारतीय दूतावास, मस्कट से समन्वय स्थापित कर युवती की सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया शुरू कराई.
नौकरी का झांसा देकर ओमान भेजी गई थी प्रीति
सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड के मरारोमा गंझूटोली निवासी प्रीति कुजूर को मार्च 2026 में एक एजेंट ने दुबई में 45 से ₹50 हजार मासिक वेतन का लालच देकर विदेश भेजा, लेकिन उन्हें ओमान भेज दिया गया. वहां उन्हें कम वेतन पर काम कराया गया और भारत लौटने की इच्छा जताने पर कंपनी ने भारी रकम की मांग कर दी.
दूतावास की पहल से कम हुई राशि, मिले दस्तावेज
कंपनी ने अनुबंध अवधि पूरी होने से पहले वापसी के लिए 950 ओमानी रियाल की मांग की थी. भारतीय दूतावास और राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष के प्रयासों से यह राशि घटाकर 600 ओमानी रियाल कराई गई. भुगतान के बाद कंपनी ने प्रीति का पासपोर्ट और अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज वापस सौंप दिए.
प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
राज्य सरकार ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में देश और विदेश में कार्यरत झारखंड के श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी संकट की स्थिति में राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष लगातार सहायता उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय है.
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