- - पश्चिम बंगाल से कोयला का पेपर खरीदते थे कारोबारी.
- - उसी पेपर के बदले पर धनबाद में चोरी के कोयला की खरीद.
- - बंगाल का कोयला न रैक से आया, न ट्रक से ढ़ोया गया.
Ranchi : धनबाद के कोयला कारोबारियों के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद जीएसटी चोरी के बड़े खेल पर से परदा उठने लगा है. पता चला है कि धनबाद के कारोबारी पश्चिम बंगाल से कोयला का पेपर खरीद लेते थे. उसी पेपर के बदले धनबाद में अवैध कोयला खरीद कर हार्ड कोक फैक्टरियों में जमा करते थे. फिर अलग-अलग तरह के कोक बनाते थे.
इसे भी पढ़ें....
अब पता चल रहा है कि पश्चिम बंगाल से सिर्फ कोयला का पेपर खरीदा जाता था. उसका कोयला धनबाद कभी नहीं आता था. कोयला दो ही माध्यम से धनबाद पहुंच सकता है. रेलवे रैक के जरिये या ट्रक से. रैक को बुक नहीं किया गया और ट्रक से कोयला लाया गया इस पर संदेह है.
जांच एजेंसी अब इस बात का पता लगा रही है कि अगर ट्रक से कोयला धनबाद की फैक्टरियों में आया तो ई-वे बिल कटा होगा. उसमें ट्रक का नंबर भी दर्ज होगा. लेकिन वह ट्रक रास्ते में पड़ने वाले टोल प्लाजा से गुजरा या नहीं? जांच इस बात की भी शुरु हो रही है कि जीएसटी की चोरी किस-किस स्तर पर हुई?
इस तरह चोरी का कोयला खरीद कर फैक्टरियों में जमा किया जाता है और फिर उसे हार्ड कोक बनाकर स्टील कंपनियों को बेच दिया जाता है. स्टील कंपनियों को बेचने के दौरान जो जीएसटी लिया जाता है, उससे मिले जीएसटी को इनपुट क्रेडिट ले लिया जाता है.
सूत्रों के मुताबिक कोयला कारोबारियों का यह धंधा काफी दिनों से चल रहा था. इस तरह की शिकायत पुलिस विभाग के मुखिया को मिली थी. उन्होंने तत्कालीन डीआईजी बोकारो से जांच करने के लिए कहा था. डीआईजी ने एक हद तक जांच भी की थी. लेकिन फिर अचानक जांच बंद कर दी गई. जांच क्यों और किसके आदेश पर बंद हुआ, यह समझना ज्यादा मुश्किल काम नहीं है.


Leave a Comment