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फॉलोअप : शरद हत्याकांड में पुलिस को मिले अहम सुराग, जेल से जुड़े हैं तार

 
Hazaribagh : एनटीपीसी की कोल उत्खनन कंपनी ऋत्विक के प्रोजेक्ट को-ऑर्डनेटर शरद कुमार की हत्या की जांच की सूई हजारीबाग लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा की ओर मुड़ती दिख रही है. इस बाबत पुलिस की टीम ने जेल जाकर पूछताछ भी की है. लेकिन इस बात की अधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है. यह भी माना जा रहा है कि पुलिस के हाथ कुछ महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं और उन लोगों से भी पूछताछ की जा रही है. पिछले दिनों यह भी बात सामने आई थी कि शरद कुमार को धमकी भी दी गई थी. वह धमकी किस फोन नंबर से आया था उसे ट्रैक किया जा रहा है. साथ ही एनटीपीसी के पिछले कई ऐसे कर्मी जिन्हें अपराधियों का कॉल आया था, उसकी भी जांच की जा रही है, ताकि हत्याकांड के लिए बुने गए पूरे जाल को तोड़ा जा सके.

घटना से एक दिन पहले टीपीसी के नाम पर दी गई थी धमकी

जानकारी के अनुसार घटना के एक दिन पहले ही कंपनी के पदाधिकारी को टीपीसी के नाम पर धमकी दी गई थी और कहा गया था कि 10 तारीख को देख लेंगे. नौ तारीख को यह घटना घट गई. सूत्रों के अनुसार पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है और हत्या का सुराग जेल से जुड़ा बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि अमन साहू गिरोह के मयंक के नाम पर धमकी दी गई थी. अब पुलिस पूरे मामले की तहकीकात तो कर ही रही है, साथ ही मयंक का सारा रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है. पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को हिरासत में भी लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. हां यह भी बात महत्वपूर्ण है कि धमकी मिलने के बाद न तो सनहा दर्ज कराया गया था और ना ही प्राथमिकी. पुलिस की जांच के केंद्र बिंदु में एनटीपीसी के एजीएम भास्कर भी हैं. चूंकि शरद कुमार भास्कर की गाड़ी से कार्यालय जा रहे थे. ऐसे में यह भी कहा जा रहा है कि भास्कर को धमकी मिली थी. घटना को अंजाम देने के लिए बाहर से शूटर बुलाने की बात भी सामने आ रही है. इसे भी पढ़ें : संपन्न">https://lagatar.in/one-has-to-work-hard-to-be-successful-it-is-not-just-a-dream-cp-radhakrishnan/">संपन्न

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