पारा शिक्षकों के नाम तो बदल गए पर मांगें नहीं हुई पूरी, आंदोलन की चेतावनी
मूल्यवर्धित उत्पादों की उद्यमिता को बढ़ावा देना है
विभागाध्यक्ष डॉ रेखा सिन्हा ने बताया कि छात्राओं को ग्रामीण क्षेत्रों के उपयुक्त खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी एवं उपकरण, मोटे अनाजों का मूल्यवर्धक उत्पाद, कृषि उद्यमिता के अवसर, भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक, व्यवसाय का वित्तीय प्रबंधन एवं मूल्य वर्धित उत्पादों की विपणन रणनीति की व्यावहारिक जानकारी दी गयी. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आदिवासी शिक्षित छात्राओं को पोषक अनाजों के प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी से जोड़कर मूल्यवर्धित उत्पादों की उद्यमिता को बढ़ावा देना है. प्रतिभागी छात्रा अनीशा टोप्पो ने प्रशिक्षण को छात्राओं के लिए बेहद उपयोगी बताया. छात्राओं को डॉ नीलिका चंद्रा, बिंदु शर्मा, एमके श्रीवास्तव, डॉ एसएस कुल्लु, आनंद कुमार सिंह एवं डॉ नीतू कुमारी ने प्रशिक्षण प्रदान किया.शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने लिया भाग
कार्यक्रम का आयोजन आईसीएआर – भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, गढ़खटंगा रांची के सौजन्य से विवि के कृषि संकाय अधीन कार्यरत सामुदायिक विज्ञान विभाग द्वारा किया गया. फिशरीज साइंस कॉलेज में पौधा रोपण कार्यक्रम चलाया गया. कार्यक्रम में एसोसिएट डीन डॉ एके सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. मौके पर एसोसिएट डीन डॉ एके सिंह ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ पर्यावरण पहली जरूरत है. मौके पर ओम प्रकाश रवि, श्वेता कुमारी, प्रशांता जाना, बीएस विजडम, तसोक लिया, वीरेंद्र सिंह, जयराज पी. गुलशन कुमार, मनमोहन कुमार मौजूद थे. इसे भी पढ़ें - रांची">https://lagatar.in/sewerage-drainage-in-ranchi-21-crores-submerged-now-hemant-government-will-make-new-dpr-after-spending-31-crores/">रांचीमें सीवरेज ड्रेनेज : 21 करोड़ डूबे, अब 31 करोड़ खर्च कर हेमंत सरकार बनवायेगी नया डीपीआर [wpse_comments_template]
















































































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