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हमारे लिए घुसपैठ राजनीतिक एजेंडा नहीं, बल्कि आदिवासी समाज को बचाने की लड़ाई हैः बाबूलाल

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर से घुसपैठ और जनसंख्या परिवर्तन को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है. सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि हमारे लिए घुसपैठ और जनसंख्या परिवर्तन का मुद्दा कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और अस्तित्व को बचाने की लड़ाई है.
 

Ranchi :  नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर से घुसपैठ और जनसंख्या परिवर्तन को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है. सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि हमारे लिए घुसपैठ और जनसंख्या परिवर्तन का मुद्दा कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और अस्तित्व को बचाने की लड़ाई है.    

  
संताल परगना में घुसपैठ और जनसांख्यिकीय परिवर्तन जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर मैं लगातार आवाज उठाता रहा हूं. अब इन मुद्दों के प्रत्यक्ष प्रभाव सामने आने लगे हैं. खुशी है कि मीडिया भी अब इस गंभीर समस्या को अपने स्तर से उठाने लगी है.

 

 

 

 

साहेबगंज के बरहड़वा अंचल का उठाया मामला


बाबूलाल ने आगे लिखा है कि ताजा मामला साहिबगंज जिले के बरहड़वा अंचल के सिरासिन मौजा का है. जहां एक प्राचीन शिव मंदिर और उसके आसपास की सरकारी भूमि पर मुस्लिम कब्जेदारों ने अवैध रूप से घेरा बना लिया है. इसके चलते न सिर्फ मंदिर तक जाने का रास्ता बाधित हुआ है, बल्कि मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य पर भी विराम लग गया है. यह घटना संताल परगना में बढ़ते जनसंख्या असंतुलन और प्रशासन की निष्क्रियता का प्रमाण है. उन्होंने साहेबगंज डीसी से इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है.

 

 

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