New Delhi : पश्चिम एशिया संकट पर बुलाई गयी सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरान जंग में पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर सवाल पूछे जाने पर कहा कि हम दलाल देश नहीं हो सकते.
Centre assures 'situation under control' amid West Asia crisis, energy security stable: Sources
— ANI Digital (@ani_digital) March 25, 2026
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सूत्रों के अनुसार जयशंकर ने संसद भवन में हुई बैठक में बताया कि ट्रंप द्वारा फोन किये जाने पर पीएम मोदी ने उनसे कहा कि युद्ध खत्म किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे सभी को भारी नुकसान हो रहा है.
इससे पहले केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक में सभी राजनीतिक दलों को आश्वासन दिया कि देश में पर्याप्त मात्रा में ईंधन का भंडार है. LPG और क्रूड ऑयल के टैंकर रास्ते में हैं.
देश में एलपीजी की उपलब्धता और होर्मुज के रास्ते हो रही सप्लाई में बाधा को लेकर विपक्ष की चिंता पर सरकार ने बताया कि स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में है चार-पांच दिनों में चार जहाज भारत के बंदरगाहों पर पहुंचने वाले हैं.
सरकार ने कहा कि वह सभी पक्षों को साथ लेकर चलेगा कहा कि विपक्ष कभी भी सरकार से संवाद कर सकता है.इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चर्चा की शुरुआत की. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गल्फ देशों में रह रहे भारतीय लोगों का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण है.
पाकिस्तान के संदर्भ में सरकार ने कहा कि उसकी भूमिका में कुछ नया नहीं है, क्योंकि वह 1981 से इस तरह की भूमिका निभाता रहा है, विपक्षी नेताओं द्वारा पूछे जाने पर रि अमेरिका-इजराइल द्वारा ईरान पर हमले क्यों किया गया.
इस पर विदेश सचिव ने कहा कि ईरान ने परमाणु परीक्षण न करने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह उसी दिशा में चलता दिखाई दे रहा था. इस कारण उस पर हमले हुए.
बैठक में अमित शाह, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजीजू, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी औऱ विदेश सचिव विक्रम मिस्री बीजेडी के सस्मित पात्रा, जेडीयू से लल्लन सिंह, कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक और तारिक अनवर, समाजवादी पार्टी से धर्मेंद्र यादव और सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटस शामिल हुए.
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