Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

पूर्व सीएम हेमंत का दांव : लोस-विस चुनाव में गेम चेंजर साबित होगा ''अबुआ आवास योजना''

Advertisement
Advertisement
  • तीन वित्तीय वर्ष में 8 आठ लाख आवास बनाने का था लक्ष्य
  • चालू वित्तीय वर्ष में ही डिमांड बढ़ने से अगले तीन माह तक 7 लाख आवास बनाने की सरकार ने कर दी घोषणा
  • 27 को पेश होने वाले बजट में 7 लाख आवास के लिए सरकार को करनी होगी 14 हजार करोड़ राशि की व्यवस्था
Kaushal Anand/Praveen Kumar Ranchi : पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का अबुआ आवास योजना का दांव इंडिया गठबंधन के लिए लोकसभा और विधानसभा चुनाव में गेम चेंजर साबित हो सकता है. 18 अक्टूबर को जब पूर्व सीएम हेमंत सोरेन सरकार की कैबिनेट में जब प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गयी थी तो तीन वित्तीय वर्ष में आठ लाख आवास बनाने का निर्णय लिया गया था. मगर जिस तेजी से इसके आवेदन आने लगे और डिमांड बढ़ी, वर्तमान सीएम चंपाई सोरेन ने घोषणा कर दी कि अगले तीन महीने में सरकार 7 लाख और अबुआ आवास बनाएगी. मतलब साफ है कि हेमंत सोरेन कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय और 8 लाख का लक्ष्य अब बढ़कर 9 लाख पहुंच चुका है. जबकि अब तक सरकार ने 2 लाख लाभुक (यूनिट) को प्रथम किश्त की राशि ट्रांसफर कर चुकी है. अगर सरकार अपनी घोषणा के अनुसार अगले तीन महीने में 7 लाख और आवास बनाएगी तो 27 फरवरी को सरकार द्वारा पेश होने वाले बजट में 14 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान करना होगा. मतलब साफ है कि इस बार ग्रामीण विकास विभाग का बजट का आकार सबसे बड़ा होगा.

योजना का डिटेल

  • केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में कोई आवास झारखंड को नहीं दिया.
  • जब केंद्र सरकार ने झारखंड में चयनित 5 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास की राशि देने से इनकार कर दिया तो पूर्व सीएम ने अपने कोटे से तीन कमरे का आवास देने की घोषणा की.
  • 31 वर्ग मीटर में तीन कमरों का लैट्रिन-किचन पक्का मकान बनाने की घोषणा, जिसके लिए लाभुकों को विभिन्न निर्माण स्टेज में कुल 2 लाख रुपये मिलेंगे.
  • पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की घोषणा के बाद 18 अक्टूबर 2023 को अबुआ आवास योजना को कैबिनेट से मंजूरी मिल गयी. इसके लिए सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 4,107 करोड़ के खर्च को स्वीकृति दी.
  • कैबिनेट के निर्णय के अनुसार सरकार तीन वित्तीय वर्ष में विभिन्न चरणों में 8 लाख आवास बनाने की योजना बनायी.
  • चालू वित्तीय वर्ष में 2 लाख, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 3.50 लाख और वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2.50 लाख आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया.
  • चालू वित्तीय वर्ष में 2 लाख चयनित लाभुकों को प्रथम किश्त की राशि ट्रांसफर हो चुकी है.
  • अब इसकी डिमांड बढ़ जाने से वर्तमान सीएम चंपाई सोरेन ने अगले तीन महीने में 7 लाख और आवास बनाने की घोषणा करके बड़ा दांव खेल दिया है.

अब तक योजना की प्रगति पर एक नजर

  • सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में ही कम से कम 2 लाख अबुआ आवासों के निर्माण का लक्ष्य रखा है. इसमें से 78.89 प्रतिशत लाभुकों के लिए आवासों की स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है.
  • अबुआ आवास योजना के अंतर्गत सबसे अधिक आवेदन आए थे. जांच के बाद अब तक तक 1,57,776 लाख आवास के लिए सरकार ने आवासों की स्वीकृत प्रदान कर दी है.
  • इस आवास योजना का लाभ देने के लिए 2011 के जनगणना को आधार बनाया गया है. इसी के आधार पर सभी जिलों को आवास का लक्ष्य दिया गया है.
  • इस योजना में सबसे अधिक आवासों का निर्माण चालू वित्तीय वर्ष में गिरिडीह जिले में होना है. जहां 17,860 आवास का लक्ष्य है. इनमें से 59.02 प्रतिशत लोगों को आवास देने की स्वीकृति मिल गयी है.
  • पलामू को 13,621 आवास चालू वित्त वर्ष में लाभुकों को मिलना है. वहीं खूंटी जिला को 3387 आवास दिए गए हैं और खूंटी राज्य का पहला जिला है, जहां का लक्ष्य का शत- प्रतिशत पूरा कर लिया गया है.

जिलवार प्रगति रिपोर्ट

जिला -    लक्ष्य - स्वीकृत आवास खूंटी - 3887 - 100% पूर्वी सिंहभूम - 8138 - 97.44% पलामू - 13681 - 95.14% गढ़वा - 10003 - 94.14% सिमडेगा - 4443 - 93.05% सरायकेला खरसावां - 6437 - 91.93 जामताड़ा - 5711 - 91.40% पश्चिम सिंहभूम - 10252 - 89.28% दुमका - 9827 - 89.05% चतरा - 7820 - 88.65% देवघर- 9847 - 85.92% कोडरमा -4591 - 84.27% हजारीबाग -11648 - 82.56% पाकुड़ - 6649 - 81.62% रांची - 13226 - 78.99% धनबाद - 8973 - 77.05% बोकारो - 8608- 76.87% लोहरदगा -3228 - 76.43% रामगढ़ - 4236 - 71.43% गिरिडीह - 17860- 71.13% लातेहार - 5389 - 70.88% गुमला - 7663- 63.72% साहिबगंज - 7972 - 57.38% गोड्डा -9972- 17.52% कुल - 200000 - 78.89% इसे भी पढ़ें : बिहार">https://lagatar.in/bihar-tragic-road-accident-in-lakhisarai-nine-dead-many-injured/">बिहार

: लखीसराय में दर्दनाक सड़क हादसा, नौ की मौत, कई घायल
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही