Ranchi : वेदांता समूह ने अपनी चार नई विभाजित (डीमर्ज्ड) कंपनियों को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर सूचीबद्ध (लिस्ट) करा दिया है. इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद अब वेदांता समूह के तहत पांच अलग-अलग कंपनियां काम करेंगी. इस मौके पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में एक कॉर्पोरेट कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
कारोबार की 'समुद्र मंथन' से तुलना
समारोह में पहुंचे बीएसई के एमडी और सीईओ सुंदररमन राममूर्ति ने वेदांता के इस कदम पर अपनी बात रखी. उन्होंने समूह के व्यापारिक सफर की तुलना पौराणिक 'समुद्र मंथन' से की. राममूर्ति ने कहा कि जिस तरह समुद्र मंथन से कीमती रत्न निकले थे, उसी तरह वेदांता ने देश में जिंक, एल्युमीनियम, तेल और गैस जैसे प्राकृतिक संसाधनों को निकालकर औद्योगिक विकास में योगदान दिया है.
चेयरमैन के सफर का जिक्र
बीएसई प्रमुख ने वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के शुरुआती संघर्ष और काम के प्रति उनकी निरंतरता की सराहना की. उन्होंने संस्कृत के श्लोकों का उदाहरण देते हुए कहा कि एक छोटे स्तर से शुरू हुआ व्यवसाय आज बड़े स्वरूप में है. इसके साथ ही उन्होंने कंपनी के 'नंद घर' प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीण इलाकों में किए जा रहे सामाजिक कार्यों की भी चर्चा की.
पांच अलग-अलग क्षेत्रों में काम
इस विभाजन के बाद अब समूह के सभी पांचों बिजनेस स्वतंत्र रूप से अपनी रणनीतियां बनाएंगे. इन कंपनियों में वेदांता एल्युमीनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता पावर और वेदांता आयरन एंड स्टील शामिल हैं, जबकि मूल कंपनी मुख्य धातुओं का काम देखेगी. बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से कंपनियों को अलग से फंड जुटाने और अपना विस्तार करने में आसानी होगी.
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