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महुआ बोर्ड से मेमू ट्रेन तक, ग्रामीण विकास मंत्री के साथ चैम्बर की अहम बैठक

Ranchi : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और राज्य के समग्र विकास से जुड़े मुद्दों पर झारखंड चैम्बर के प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पाण्डे सिंह से शिष्टाचार भेंट की. इस दौरान दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में झारखंड चैम्बर की सहभागिता सहित कई अहम विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ.

 

बैठक में चैम्बर प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग स्थापना को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया. प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि शहरी क्षेत्रों में भूमि की सीमित उपलब्धता को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराकर और सब्सिडी के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित किया जा सकता है. इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.

 

प्रतिनिधिमंडल ने मेमू ट्रेन सेवाओं के विस्तार का मुद्दा भी उठाया. बताया गया कि वर्तमान में रांची से लोहरदगा, टोरी और आसनसोल के बीच मेमू ट्रेनों का संचालन हो रहा है, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र के लोग प्रतिदिन शहर आकर शाम तक वापस लौटते हैं. लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अन्य जिलों को भी मेमू ट्रेन नेटवर्क से जोड़ने का सुझाव दिया गया. मंत्री दीपिका पाण्डे सिंह ने इसे महत्वपूर्ण बताते हुए इस विषय में रेल मंत्री से चर्चा करने का आश्वासन दिया.

 

चैम्बर की ओर से पलाश ब्रांड के प्रमोशन और ब्रांडिंग में सहयोग का प्रस्ताव भी रखा गया. मंत्री ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए चैम्बर के सहयोग से पलाश उत्पादों को बेहतर तरीके से शोकेस करने की बात कही. वहीं चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने बिहार में गठित मखाना बोर्ड की तर्ज पर झारखण्ड में महुआ बोर्ड के गठन का सुझाव दिया, जिस पर मंत्री ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया.प्रतिनिधिमंडल में चैम्बर महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव नवजोत अलंग और रोहित पोद्दार शामिल थे.

 

 

 

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