Ranchi News: थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, हीमोफीलिया और अप्लास्टिक एनीमिया से पीड़ित मरीजों की समस्याओं को लेकर गुरुवार को रांची में राज्यस्तरीय कार्यशाला हुई. मेन रोड के केन होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में झारखंड के कई जिलों से मरीज और उनके परिजन पहुंचे.
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कार्यक्रम का आयोजन ‘लहू बोलेगा’ रक्तदान संगठन और झारखंड थैलेसीमिया-सिकल सेल एनीमिया-हीमोफीलिया-अप्लास्टिक एनीमिया पीड़ित एसोसिएशन ने किया. इस दौरान मरीजों के इलाज, सरकारी सुविधाओं और उनके अधिकारों पर चर्चा हुई.
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कार्यशाला में बोन मैरो ट्रांसप्लांट, जरूरी दवाएं, समय पर रक्त की व्यवस्था और हेमेटोलॉजिस्ट डॉक्टरों की सुविधा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे. इसके अलावा दिव्यांगता पेंशन, UDID कार्ड, सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं, स्वास्थ्य बीमा और रेलवे पास की सुविधा पर भी बात हुई.
कार्यक्रम में मरीजों और उनके परिजनों को सरकार की ओर से मिलने वाली योजनाओं की जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने बताया कि इन योजनाओं का लाभ सही मरीज तक पहुंचाना जरूरी है.
स्वास्थ्य निदेशक डॉ प्रभात कुमार ने कहा कि रक्त विकार से पीड़ित मरीजों के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चल रही हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड में जल्द बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने की उम्मीद है.
आयोजकों ने कहा कि इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों को लंबे समय तक इलाज, दवा और रक्त की जरूरत होती है. ऐसे में उन्हें सरकारी सुविधाओं की सही जानकारी मिलना जरूरी है.
‘लहू बोलेगा’ के संस्थापक नदीम खान और संयोजक संजय टोप्पो ने कहा कि संगठन मरीजों की समस्याओं को सामने लाने और उन्हें उनका अधिकार दिलाने के लिए लगातार काम कर रहा है.
कार्यक्रम में डॉ पी.के. सिन्हा, अधिवक्ता सोनाली भट्टाचार्या, सिंगर विनाश्री और साबित सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे. इस दौरान पूर्व रांची सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार को सम्मानित किया गया. मरीजों और उनके परिजनों ने उन्हें झारखंडी अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया.
कार्यशाला में झारखंड के लगभग सभी जिलों से मरीज और उनके परिजन शामिल हुए. कार्यक्रम की अध्यक्षता नदीम खान ने की, जबकि संचालन सुजाता कुमारी और अन्य सदस्यों ने किया.
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