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गायघाट रिमांड होम : हाईकोर्ट के स्वत: संज्ञान के बाद पहुंची जांच टीम, अधीक्षक से पूछताछ

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Patna : गायघाट उत्तर रक्षा गृह (रिमांड होम) में गड़बड़ी के आरोप का मामला गरमाता जा रहा है. हाईकोर्ट के स्वत: संज्ञान लेने के बाद पांच न्यायिक अधिकारियों की टीम ने गायघाट उत्तर रक्षा गृह पहुंचकर अधीक्षक और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की. उसके बाद पीड़िता से भी बातचीत की. सूत्रों के अनुसार टीम ने कई जानकारियों इकट्ठा की हैं. सात फरवरी को इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में होगी.

पीड़िता पूर्व में दिये बयान पर कायम

पीड़िता अपने साथ हुए अमानवीय व्यवहार और अधीक्षक के बारे में पूर्व में दिये बयान पर कायम है. मूलत: गाजीपुर की रहने वाली पीड़िता ने अधीक्षिका पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उसने आरोप लगाया है कि नशे की सूई देकर देह व्यापार को मजबूर किया जाता है. यही नहीं परिजनों से मिलवाने के लिए पैसा वसूला जाता है. अधीक्षक की मिलीभगत से फर्जी परिजन बनाकर पीड़िताओं को बाहर भेज दिया जाता है. बता दें कि उत्तर रक्षा गृह में लगभग 255 युवतियां रह रही हैं. इसमें विधि विवादित, मानसिक रूप से अस्वस्थ और घर से प्रेम प्रसंग में भागी लड़कियां भी शामिल हैं.

सामाजिक संस्थाओं ने सवाल उठाये

उधर, छह दिन बाद भी युवती के आरोपों के मद्देनजर एफआईआर नहीं होने पर कई सामाजिक संस्थाओं ने सवाल उठाये हैं. 30 जनवरी को उत्तर रक्षा गृह की पीड़िता एक संस्था के पास काम मांगने आयी थी. उसने अपने साथ हुए व्यवहार की जानकारी संस्था को दी. इस पर संस्था उसे गांधी मैदान थाने में ले गई. गांधी मैदान थाने की पुलिस ने सरकारी संरक्षण देने के बजाय उसे एनजीओ के हवाले कर दिया. तब से पीड़िता महिला थाना से लेकर गांधी मैदान थाने का चक्कर लगा रही है. इसके बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है.

समाज कल्याण विभाग ने पीड़िता का दर्ज किया बयान

समाज कल्याण विभाग की ओर से दो महिला काउंसिलरों के माध्यम से उत्तर रक्षा गृह की पीड़िता का पक्ष दर्ज किया गया. विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पीड़िता ने पूर्व में लगाये गये सभी आरोपों को दोहराया. उसने उत्तर रक्षा गृह की अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. सूत्रों ने बताया कि विभाग की ओर से महिला काउंसिलरों ने पीड़िता की सभी बातों को ध्यान से सुना. उसके सभी आरोपों को दर्ज किया. सूत्रों ने कहा कि पूरे मामले को लेकर पटना उच्च न्यायालय में सुनवाई की जा रही है. इस संबंध में विभाग द्वारा पूरी जांच रिपोर्ट और पीड़िता का पक्ष सहित तमाम बातें कोर्ट के समक्ष रखी जायेंगी. इसे भी पढ़ें - रांची">https://lagatar.in/maa-saraswatis-temple-in-ranchi-here-3-slogans-are-held-together-know-the-importance-of-slogans/">रांची

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