Garhwa : वासंतिक नवरात्र की महनवमी तिथि पर गढ़वा जिले के केतार स्थित प्राचीन मां चतुर्भुजी मंदिर में शुक्रवार को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी. मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतार लग गयी. लोगों ने माता रानी के नौवें रूप मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना कर घर-परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. जय माता दी व जय श्रीराम घोष से वातावरण गुंजित रहा.
स्थानीय विधायक अनंत प्रताप देव ने भी माता के दरबार पहुंचकर मत्था टेका और पूजा-अर्चना कर माता रानी का आशीर्वाद लिया. उनके साथ बड़ी संख्या में गणमान्य लोग व श्रद्धालु भी थे. विधायक ने हवन अनुष्ठान में भी भाग लिया.
मां चतुर्भुजी मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र है. झारखंड सहित बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ से भी भक्त पहुंचते हैं. वासंतिक नवरात्र के दौरान यहां का माहौल किसी कुंभ से कम नहीं होता. इस धार्मिक स्थल का चमत्कारी इतिहास रहा हैं.
पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस मंदिर का इतिहास करीब 300 वर्ष पुराना है. कहा जाता है कि सोनपुरवा स्टेट के राजा व जगजीवन बैगा को स्वप्न आने के बाद भैंसहट घाटी में खुदाई कराई गई, जहां से मां की दिव्य मूर्ति प्राप्त हुई. मूर्ति को हाथी पर चढ़ाकर ले जाया जा रहा था, लेकिन वर्तमान मंदिर स्थल के पास एक केंदु वृक्ष के नीचे हाथी रुक गया. इसे ईश्वरीय संकेत मानकर वहीं मूर्ति स्थापित कर दी गई, जो आज एक भव्य धाम का रूप ले चुका है. गर्भगृह में मां काली के साथ-साथ मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, मां दुर्गा व प्रथम देव गणेश जी की प्रतिमाएं विराजमान हैं.
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