सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
झारखंड राज्य मनरेगा कर्मी संघ के द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में 27 जुलाई 2020 से 10 सितंबर 2020 तक हड़ताल की गई थी. बातचीत के दौरान सरकार ने डेढ महीने में उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था. लेकिन अभीतक उनकी मांगें नहीं मानी गई. अब एक बार फिर मनरेगाकर्मी आंदोलन की राह पर हैं. इसे भी पढ़ें-जामताड़ा">https://lagatar.in/jamtara-ed-is-taking-action-to-harass-jharkhand-government-furkan-ansari/">जामताड़ा: झारखंड सरकार को परेशान करने के लिए ईडी कर रही कार्रवाई- फुरकान अंसारी
भानु प्रताप शाही ने मांगों का किया समर्थन
वहीं विधायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि मनरेगाकर्मियों की मांगें जायज है. उनकी मांगों को विधानसभा में उठाया जायेगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की करनी और कथनी में बहुत ही अंतर है.ये हैं मुख्य मांगे
-2020 में बर्खास्त किए गए मनरेगा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिरुद्ध पांडे एवं धनबाद जिला के अध्यक्ष मुकेश राम को पुनः बहाल किया जाय - झारखंड राज्य में कार्यरत सभी मनरेगा कर्मियों की सेवा को स्थाई किया जाए इस मौके पर अध्यक्ष बसंत सिंह, सचिव अभिमन्यु तिवारी, रोहित शुक्ला, बीरेंद्र प्रसाद यादव, राजकुमार प्रजापति, संतोष कुमार यादव, ज्ञानरंजन चतुर्वेदी, डिम्पल कुमार, जयराम पासवान,दयानंद प्रजापति, आलोक राज, मनोज कुमार, सुनील कुमार राम, तहमीद अंसारी समेत कई लोग उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें-संध्या">https://lagatar.in/bjp-mahila-morchas-delegate-met-sandhya-topnos-family-demanding-cbi-probe-into-the-murder/">संध्याटोपनो के परिजनों से मिला भाजपा महिला मोर्चा का डेलिगेट, हत्या की सीबीआई जांच की मांग [wpse_comments_template]

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