पटना जेल में पिता और बेटा अगल-बगल की कोठरी में
अर्घादीप बताते हैं कि जब दादा पटना जेल में बंद थे, उसी समय दादा के पिता शषाधर गांगुली भी जेल में थे. जेल में दादा और उनके पिता को अगल-बगल की कोठरी में रखा गया था. गौर किशोर गांगुली ने वर्ष 2014 में 92 साल की उम्र में अपना बायोडाटा खुद बनाया. जिसमें उन्होंने लिखा कि भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान वे एक साल जेल में रहे, लेकिन स्वतंत्रता के बाद उन्होंने कभी केंद्र और राज्य सरकार से स्वतंत्रता सेनानियों को मिलने वाला पेंशन नहीं लिया. गौर किशोर गांगुली का जन्म 21 अक्टूबर 1923 को बांग्लादेश के फरीदपुर में हुआ था. स्वतंत्रता आंदोलन की वजह से अंग्रेजों ने उन पर रांची में पढ़ने पर बैन लगा दी, तो उन्होंने फरीदपुर के राजेंद्र कॉलेज से 1945 में इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की. 1948 में बांकुरा क्रिश्चियन कॉलेज से स्नातक और वर्ष 1951 में कोलकाता लॉ कॉलेज से पढ़ाई करने के बाद पुरुलिया कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की. 1956 में सब डिवीजन अलग होने के बाद वे जनवरी 1957 में धनबाद के मास्टर पाड़ा में शिफ्ट हो गए. अर्घादीप बताते हैं कि उनका निधन 22 अक्टूबर 2017 को हुआ. वे झारखण्ड के बड़े क्रिमिनल लॉयर में एक थे. यह भी पढ़ें : नीतीश">https://lagatar.in/breaking-nitish-kumar-takes-oath-as-cm-tejashwi-yadav-becomes-deputy-chief-minister/">नीतीशकुमार ने सीएम पद की शपथ ली, तेजस्वी यादव बने उपमुख्यमंत्री [wpse_comments_template]

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