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गौरव गोगोई का आरोप,परिसीमन बिल चोर दरवाजे से लाया जा रहा, तेजस्वी सूर्या की जवाब, यह बैकडोर प्रोसेस नहीं

New Delhi : कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आज लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन (डिलिमिटेशन) बिल को लेकर चर्चा में भाग लेते हुए सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाया.  कहा कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है.

 

 

इस क्रम में आरोप लगाया कि परिसीमन बिल चोर दरवाजे से लागू करने का प्रयास किया जा रहा है. गौरव गोगोई ने पूछा कि   सरकार जाति जनगणना कराने से क्यों बच रही है. सामाजिक न्याय के मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है.

 

 

गौरव गोगोई ने कहा कि यदि मोदी सरकार ने 2023 में विपक्ष के सुझावों को मान लिया होता तो महिला आरक्षण साल 2024 में ही लागू हो गया होता. गोगोई का आरोप था कि मौजूदा बिल का उद्देश्य महिलाओं को प्रतिनिधित्व देना नहीं, बल्कि परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है. कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन यह पारित हो तभी लागू हो जाये. इसे परिसीमन के साथ न जोड़ा जाये.  

 

भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने गोगोई को जवाब देते हुए कहा कि परिसीमन बैकडोर प्रोसेस नहीं है उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में लोगों में बहुत बड़ा भ्रम फैलाया जा रहा है. आरोप लगाया कि  दक्षिण भारत में विपक्ष का विरोध अराजक हो रहा है.  विपक्ष भ्रम भी फैला रहा है. परिसीमन संविधान के निर्धारित नियमों मानदंडों के आधार पर ही किया जा रहा है.

 

तेजस्वी सूर्या ने कहा कि अगर लोकसभा सीटों को फ्रीज रखा जाता है और महिला आरक्षण उसी रूप में लागू किया जायेगा, तो इससे वोटों के असल वैल्यू का नुकसान हो जायेगा. तेजस्वी सूर्या ने इस क्रम  सदन के समक्ष सभी राज्यों का आंकड़ा भी रखा.  जानकारी दी कि परिसीमन के बाद किस राज्य की कितनी सीटें बढ़ेंगी.

 

तेजस्वी सूर्या ने साफ किया कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू नहीं होगा. आरोप लगाया कि तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन गलत जानकारी फैला रहे हैं. बताया कि परिसीमन से तमिलनाडु से सांसदों की संख्या 39 से बढ़कर 59 हो सकती है. इससे तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा.

 

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