Ghatshila (Rajesh Chowbey) : दीपावली को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है. एक तरफ जहां लोग अपने-अपने घरों की साफ-सफाई में जुट गए हैं वहीं दूसरी ओर कुम्हारों ने भी अपनी चाक की गति तेज कर दी है. घाटशिला प्रखंड के ढोड़ाडीह मोहल्ले के रहने वाले कुम्हारों ने मिट्टी के दीए, खिलौने, मूर्तियां, बर्तन व अन्य समान बनाने का काम शुरू कर दिया है. हालांकि इधर कुछ दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश तथा आसमान में बादल छाए रहने के कारण कुम्हारों को नुकसान भी उठाना पड़ रहा है.
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कुम्हार बासुदेव प्रजापति ने बताया कि पहले की तुलना अब मिट्टी के सामान में ज्यादा फायदा नहीं रह गया है. मिट्टी, लकड़ी, रंग आदि के दाम काफी बढ़ा गए है, लेकिन ग्राहक इस बात को नहीं समझ पाते हैं. इलेक्ट्रॉनिक लाइटों से भी कामकाज पर प्रभाव पड़ा है. दीपावली के समय काम काफी बढ़ जाता है, लेकिन पहले जैसी अब बात नहीं रही. बासुदेव ने बताया कि उनके बच्चे अब मिट्टी से जुड़े काम नहीं करना चाहते. उम्र काफी हो जाने के वे ज्यादा काम नहीं कर पाते. फिलहाल उनका पुत्र महेश प्रजापति मिट्टी के दिए तथा खिलौने बनाने का काम कर रहा है, परंतु आगे नहीं पता कि बच्चे यह काम करेंगे या नहीं.
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पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण काम पर इसका प्रभाव पड़ा है. मिट्टी के दीए, बर्तन तथा खिलौना, मूर्तियां इत्यादि बनाने का काम इस बार देर से शुरू हुआ है. बारिश रुकने पर कुम्हार मिट्टी से बनाए गए सामानों को सुखाने में लग जाएंगे. [wpse_comments_template]
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