Giridih: नाइजर में अपहृत बगोदर के पांच प्रवासी मजदूरों में से दो मजदूरों की घर वापसी हो गई है. घर लौटे मजदूरों में दोंदलो के संजय महतो एवं मुंडरो के उत्तम महतो शामिल हैं. घर लौटने पर दोनों मजदूरों के घरों में खुशी का माहौल है. साथ हीं घर लौटे मजदूरों ने भी खुशी जताई है. वापस लौटे संजय महतो से दोंदलो के मुखिया तुलसी महतो और प्रवासी मजदूरों के हितों में कार्य करने वाले सिकंदर अली ने मुलाकात कर कुशलक्षेम जाना. वापस लौटे मजदूरों ने बताया कि संभवतः एक-दो दिनों में अन्य तीनों मजदूरों की भी वापसी हो जाएगी.

वहीं, वापस लौटे संजय महतो ने अपहरण की कहानी आपबीती बताई. उन्होंने बताया कि सशस्त्र अपराधियों ने 25 अप्रैल को पांच मजदूरों का अपहरण कर लिया था. हालांकि अपराधियों के चंगुल में 8 महीना 11 दिनों तक रहे. इस बीच मजदूरों को अपराधियों के द्वारा प्रताड़ित नहीं किया गया. उन्हें रहने और खाने–पीने में किसी तरह की कोई परेशानियां नहीं हो रही थी. परेशानियां सिर्फ इस बात की थी कि उन्हें घर–परिवार या किसी अन्य से बातें करने नहीं दी जाती थी. उन्होंने बताया कि अपहरण करने के बाद अपराधियों ने सभी का चेहरा बंद कर दिया था और अपने ठिकाने पर ले जाने के बाद सभी का मोबाइल तोड़ दिया और रूपए छीन लिए.
साथ ही, बताया कि अपराधियों के चंगुल से छुटने के बाद वे सभी भारतीय दुतावास पहुंचे और फिर वहां से मुंबई लौटे. मुंबई में कंपनी के अधिकारियों से मिलकर बड़ी खुशी हुई और अधिकारियों ने सभी का स्वागत किया. उन्होंने बताया कि अब वे अफ्रीका नहीं जाएं.
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