Godda: जिला प्रशासन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होने का दावा करती है. लेकिन गोड्डा सदर अस्पताल में एक गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत ने प्रशासन के दावे पर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. दरअसल, प्रसव-पीड़ा के बाद पथरगामा थाना क्षेत्र के कोल्हुआ गांव निवासी 25 वर्षीय गर्भवती बीरमा देवी प्रसव के लिए गोड्डा सदर अस्पताल में भर्ती हुई. जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. साथ ही गर्भ में पल रहे शिशु की भी जान चल गई.
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डॉक्टरों के मुताबिक, महिला गंभीर एनीमिया (खून की कमी) की शिकार थी. प्रसव के दौरान ज्यादा रक्त की कमी एवं शारीरिक कमजोरी के कारण जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई. बता दें, सरकार गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्रों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से आयरन-फॉलिक एसिड की गोलियां वितरित करती है. साथ ही कई तरह के पोषण का भी वितरण करती है.
परिजनों ने बताया कि बीरमा देवी के पति का करीब एक माह पहले दिल्ली में निधन हो गया था. पति की मौत के सदमे से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि इस घटना ने परिवार को एक नया सदमा दे दिया. बीरमा देवी अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं, जिनके सिर से अब माता-पिता दोनों का साया उठ गया है.
प्रसूता के मौत के बाद अस्पताल परिसर में एक असंवेदनशील स्थिति भी दिखी. बताया जाता है कि जच्चा-बच्चा की मौत के बाद उसका शव छोड़ सास अस्पताल से चली गई. पुलिस और मायके पक्ष के लोगों ने मृतका के आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई. नगर थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मायका के परिजनों को सौंपा. पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी है.
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