Nitish Thakur
Goilkera : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा क्षेत्र में अवैध बालू का कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है. रोजाना भारी मात्रा में गोइलकेरा की नदियों से खनन कर चक्रधरपुर, सोनुआ, टोकलो व अन्य क्षेत्रों में बड़े-बड़े हाइवा से भेजा जाता है. इससे आए दिन दुर्घटना का भी खतरा बना रहता है.
इसी कड़ी में गुरुवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे बिला पंचायत के डलाईकेला के समीप दो अवैध बालू लदे हाइवा में जोरदार टक्कर हो गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि एक हाइवा (WB65C1214) बुरी तरीके से क्षतिग्रस्त हो गया और चालक को भी गंभीर चोटें आई है.
वहीं दूसरा हाइवा चालक मौके का फायदा उठाकर गाड़ी सहित फरार हो गया. सूत्रों के अनुसार, दूसरा हाइवा को आसपास के इलाके में कहीं पर छुपा कर रखा गया है.
हर दिन 25-30 हाइवा से होता है बालू का उठाव
अवैध बालू का कारोबार करने वाले माफियाओं का मनोबल बढ़ा हुआ है. गोइलकेरा प्रखंड के विभिन्न घाटों से प्रतिदिन लगभग 25 से 30 हाइवा बालू का उठाव किया जाता है.
गोइलकेरा-चक्रधरपुर मुख्य सड़क पर शाम सात बजे से रात भर बालू लदे हाइवा की आवाजाही होती है. इन वाहनों की तेज रफ्तार के कारण दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है.
प्रखंड की तरकटकोचा, सारुगड़ा, केबरा और कायदा पंचायतों के ग्रामीण तेज रफ्तार हाइवा की चपेट में आकर कई बार घायल हो चुके हैं. स्थानीय लोग कई बार सड़क पर हाइवा को रोककर विरोध कर चुके हैं. लेकिन रसूख और ऊंची पहुंच के चलते बालू का परिचालन कभी रुकता नहीं.
एनजीटी की रोक और प्रशासन की दबिश के बावजूद अवैध बालू का उठाव जारी है. ध्यान देने वाली बात यह है कि बालू लदे हाइवा गोइलकेरा, सोनुआ और चक्रधरपुर थाना के पास से गुजरते हैं. लेकिन पुलिस-प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगती.
स्थानीय लोगों का कहना है कि माफियाओं में या तो पुलिस-प्रशासन का भय खत्म हो गया है या फिर प्रशासन की मिलीभगत से धड़ल्ले से अवैध बालू का कारोबार जारी है.
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