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सरकार को अपने अफसरों की परवाह नहीं

Saurav Singh Ranchi: सरकार को अपने ही राज्य के अफसरों की परवाह नहीं है. हर साल प्रोन्नति से भरे जाने वाले आइपीएस के पद खाली हो रहे हैं. लेकिन उनकी जगह स्टेट पुलिस सर्विस (SPS) के अधिकारियों को प्रोन्नति नहीं मिल रही है. वर्तमान में प्रोन्नति से भरे जाने वाले आइपीएस अधिकारियों के 45 में से 25 पद खाली हैं. इसे भी पढ़ें -शेल">https://lagatar.in/shell-company-lease-pil-the-hearing-scheduled-for-tuesday-is-likely-to-be-postponed-know-why/">शेल

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हर साल खाली हो रहे आइपीएस के पद

हर साल प्रोन्नति से भरे जाने वाले आइपीएस के पद खाली हो रहे हैं. साल 2017 में प्रोन्नति से भरे जाने वाले 45 पदों में 35 भरे हुए थे और 10 खाली थे. साल 2018 में प्रोन्नति से भरे जाने वाले 45 पदों में 32 भरे हुए थे और 13 खाली थे. 2019 में प्रोन्नति से भरे जाने वाले 45 पदों में 27 पद भरे हुए थे और 18 खाली थे. वहीं 2020 में प्रोन्नति से भरे जाने वाले 45 पदों में 21 भरे हुए थे और 24 खाली थे. जबकि साल 2021 में प्रोन्नति से भरे जाने वाले 45 पदों में 20 भरे हुए हैं और 25 खाली हैं.

आइपीएस अधिकारियों की कमी है

राज्य में कानून व्यवस्था की कमान संभालने में मुख्य भूमिका निभाने वाले आइपीएस अधिकारियों की कमी है. झारखंड कैडर में आइपीएस अधिकारियों के स्वीकृत पदों की संख्या 157 है, जिसमें अभी 104 अधिकारी ही हैं. यानी 55 पद सीधे तौर पर खाली पड़े हैं. इन 104 अधिकारियों में 20 केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चल रहे हैं. इससे वास्तव में सूबे में 80 आइपीएस अधिकारियों की ही तैनाती है. वर्तमान में 21 अधिकारियों के पास एक या इससे अधिक विभागों का अतिरिक्त प्रभार हैं. इसे भी पढ़ें –रिम्स:">https://lagatar.in/rims-war-words-intensifies-in-appointment-grade-a-nurses-jmm-leader-retaliated-on-babulals-tweet/">रिम्स:

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