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हाईकोर्ट को सरकार ने बताया- रजरप्पा मंदिर के पुनरुद्धार के लिए केंद्र की प्रसाद स्कीम से मांगा जाएगा फंड

Ranchi News: कोर्ट ने मामले में सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर निर्धारित की. सुनवाई के दौरान डीसी रामगढ़ कोर्ट में हाजिर हुए. प्रार्थी संजीव कुमार सिंह की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने पक्ष रखा. पिछली सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि रामगढ़ स्थित रजरप्पा मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 102 करोड़ की राशि के डीपीआर की तकनीकी स्वीकृति राज्य सरकार ने दे दी है.
 
फाइल फोटो
  • कोर्ट ने कहा, फंड जब केंद्र सरकार से मांगना था तो 254 दुकानदारों को तुरंत क्यों हटाया गया
  • डीसी रामगढ़ हुए हाजिर

Ranchi News: रामगढ़ स्थित रजरप्पा मंदिर के पुनरुद्धार को लेकर केंद्र सरकार की प्रसाद स्कीम से फंड मांगा जाएगा. इसकी जानकारी आज कोर्ट को सरकार की ओर से दी गई. जिस पर कोर्ट ने मौखिक कहा कि जब केंद्र सरकार से ही फंड मांगना था तो इतनी जल्द वहां के 254 दुकानदारों को क्यों हटाया गया? कोर्ट ने कहा कि पूर्व में पर्यटन सचिव की ओर से कहा गया था कि इसके लिए फंड की कमी नहीं है. आज सरकार दूसरी बात कह रही है. डीपीआर बनाने में भी काफी समय लगा है. 


कोर्ट ने मामले में सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर निर्धारित की. सुनवाई के दौरान डीसी रामगढ़ कोर्ट में हाजिर हुए. प्रार्थी संजीव कुमार सिंह की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने पक्ष रखा. 

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पिछली सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि रामगढ़ स्थित रजरप्पा मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 102 करोड़ की राशि के डीपीआर की तकनीकी स्वीकृति राज्य सरकार ने दे दी है. अब प्रशासनिक स्वीकृति टूरिज्म विभाग को देना है. कोर्ट ने मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर से हटाए गए 254 वेंडरों को जल्द अस्थाई दुकान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था. 


दरअसल हाईकोर्ट ने पूर्व की सुनवाई में कहा था कि वर्ष 2023 में एक जनहित याचिका में मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण के संदर्भ में आदेश पारित किए थे. मां छिन्नमस्तिका मंदिर के निकट स्थित भैरवी नदी तट पर सुरक्षा के अभाव में कई लोगों की मौत हो रही है. ऐसे में हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन जरूरी है ताकि वहां सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल सके. 


बता दें कि प्रार्थी ने संजीव कुमार सिंह ने अवमानना याचिका दाखिल कर झारखंड हाईकोर्ट द्वारा एक जनहित याचिका में 11.08.2023 परित आदेश का अनुपालन कराने का आग्रह किया है. परित आदेश में हाईकोर्ट ने झारखंड राज्य, पर्यटन विभाग, झारखंड पर्यटन विकास निगम और रामगढ़ जिला प्रशासन को दस अनिवार्य निर्देश जारी किए थे. 


इन निर्देशों में मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, स्थायी स्नान घाटों का निर्माण, वस्त्र बदलने के कक्ष, शौचालयों की व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सीय सुविधाएं सुनिश्चित करना, अतिक्रमण हटाना, नदी का चौड़ीकरण आदि शामिल हैं.

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