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हाईकोर्ट को सरकार ने बताया - पलामू रिजर्व टाइगर प्रोजेक्ट के पुनर्वासितों को जल्द मिलेगा जमीन का रसीद

कोर्ट-कचहरी की खबरें
  • कैबिनेट से अप्रूवल मिलने के बाद इन विस्थापितों को जमीन की रसीद दे दी जायेगी

Ranchi: झारखंड में बाघों के संरक्षण को लेकर विकास महतो की जनहित याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को हुई. मामले में राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पलामू टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट के दो गांव के विस्थापितों जिन्हें दूसरे गांव में पुनर्वासित किया गया था, उन्हें जल्द जमीन की रसीद दी जायेगी. मंत्री स्तर स्वीकृति मिल चुकी है. 

 

कैबिनेट से अप्रूवल मिलने के बाद इन विस्थापितों को जमीन की रसीद दे दी जायेगी. संभवतः कैबिनेट में इस विषय को रखा जायेगा. कोर्ट ने अगली सुनवाई में सरकार को इस संबंध में स्टेटस रिपोर्ट दायर करने का निर्देश दिया. वहीं कोर्ट ने रेलवे को पलामू रिजर्व टाइगर प्रोजेक्ट के भीतर रेलवे लाइन के संबंध में अलाइनमेंट प्रपोजल प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की. अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी. 

 

उल्लेखनीय है कि पलामू रिजर्व टाइगर प्रोजेक्ट में स्थित दो गांव (कुजरुम और जयगीर) के लोगों को दूसरे गांव (पोलपोल) पुनर्वासित किया गया था. पलामू टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट के विस्थापित इन लोगों को राज्य सरकार द्वारा मुहैया कराई गई जमीन की रसीद नहीं कट रही है, जिससे उन्हें जमीन का मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा है. पूर्व में कोर्ट ने 8 सप्ताह में राज्य सरकार को पलामू टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट के पुनर्वासित किए गए विस्थापितों की जमीन का रसीद मुहैया कराने का निर्देश दिया था.

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