Ranchi: मानव और हाथी के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर विधानसभा में चर्चा के दौरान विधायक रामेश्वर उरांव और निर्मल महतो के सवाल पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने घोषणा किया कि घायल हाथियों के इलाज के लिए दो मोबाइल यूनिट खरीदा जायेगा. इसकी प्रक्रिया चल रही है. हाथियों के लिए जंगल कम होता जा रहा है, इस सवाल पर मंत्री ने घोषणा किया कि जंगल में ही हाथी को भोजन मिल जाये, इस पर विभाग काम कर रहा है.
मंत्री ने यह भी घोषणा किया कि हाथी की समस्या गंभीर है. सड़कों का आना-जाना भी लोगों के लिए जरुरी है. ये भी एलिफेंट कॉरिडोर के लिए बाधा बन रहे हैं. सरकार एसओपी तैयार कर रही है. 10 दिनों के भीतर मुआवजा दिया जायेगा. मुआवजे का सरलीकरण किया जा रहा है.
पूरक सवाल करते हुए रामेश्वर उरांव ने जानकारी दी कि ओड़िशा सरकार हाथी द्वारा किसी के मारे जाने पर 25 लाख रुपये का मुआवजा देती है.
विधायक निर्मल महतो ने कहा कि हाथी से सबसे अधिक क्षति उनके मांडू क्षेत्र में हुआ है. कुछ सालों में 50 लोगों की मृत्यु हो चुकी है.
निर्मल महतो ने आगे बताया कि जंगली हाथी के आने-जाने के रास्ते पर खादान बन गया है. जितना कोयला सरकारी कंपनी खोदती है, उससे ज्यादा कोयला चोरों ने खोद दिया है. निर्मल महतो ने मुआवजा राशि 20 लाख करने की मांग की. वन विभाग जितना जंगल लगाती है, उससे अधिक कट जा रहा है. विधायकों के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि अवैध खनन की कोई सूचना सरकार को नहीं है.
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