Ranchi : झारखंड विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन प्रतीक्षारत डीएसपी की प्रतिनियुक्ति का मुद्दा सदन में उठाया गया. डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता के अनुपस्थित में नीरा यादव ने उनका सवाल रखा और गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग से इस संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी.
नीरा यादव ने कहा कि जेपीएससी परीक्षा 2007-10 के माध्यम से 39 पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी) की नियुक्ति की गई थी. चार साल की सेवा पूरी होने के बाद भी डीएसपी का नियमित पदस्थापन नहीं हो पाया है.
कोडरमा विधायक ने कहा कि राज्य में पुलिस उपाधीक्षक के कुल 400 स्वीकृत पद हैं, जिनके विरुद्ध वर्तमान में केवल 330 अधिकारी ही कार्यरत हैं. सवाल किया कि क्या नियुक्ति के बाद किसी पदाधिकारी को पदस्थापन के लिए प्रतीक्षारत रखने की कोई निर्धारित विभागीय समय-सीमा तय है.
यदि ऐसी समय-सीमा निर्धारित है, तो उसका पालन क्यों नहीं किया जा रहा है. इसके जवाब में प्रभारी मंत्री योगेंद्र महतो ने कहा कि वर्तमान में 400 पदों के विरुद्ध 327 कार्यरत है. जल्द प्रतीक्षारत डीएसपी की प्रतिनियुक्ति की जाएगी.
इस पर नीरा यादव ने जोर देते हुए कहा कि सरकार बताए कि आखिर कब तक इनको नियमित सेवा में लिया जायेगा. इस पर मंत्री ने कहा कि ये मामला प्रक्रियाधीन है. जल्द ये पूरा मामला सुलझा लिया जाएगा. इसमें एक-दो सप्ताह या फिर एक-दो महीना भी लग सकता है.
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