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सदन में कटौती प्रस्ताव पर सरकार का जवाब, संजय यादव ने गिनाईं योजनाएं व उपलब्धियां

Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में श्रम नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग और उद्योग विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद मंत्री संजय प्रसाद यादव ने सरकार की ओर से विस्तृत जवाब दिया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार झारखंड के विकास, श्रमिकों के कल्याण और युवाओं को रोजगार देने के लिए लगातार काम कर रही है.

 

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सदन को संबोधित करते हुए मंत्री संजय प्रसाद यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 3 लाख 89 हजार 568 निर्माण श्रमिकों का निबंधन किया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों के प्रति संवेदनशील है और प्रवासी मजदूरों की मृत्यु होने की स्थिति में उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक घर तक पहुंचाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में फंसे या मृत श्रमिकों के लिए भी नई सहायता योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं.

 

रोजगार के क्षेत्र में सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 302 भर्ती कैंप और 95 रोजगार मेलों के माध्यम से 14 हजार 748 युवाओं का चयन सुनिश्चित किया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.

 

 

 

उद्योग विभाग की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. उन्होंने बताया कि दावोस 2026 में मुख्यमंत्री की भागीदारी के बाद राज्य को 1 लाख 24 हजार 230 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं.

 

उन्होंने कहा कि टाटा स्टील के साथ 9 हजार 600 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता भी किया गया है, जो ग्रीन स्टील तकनीक पर आधारित होगा. मंत्री ने विश्वास जताया कि इन निवेश प्रस्तावों से आने वाले समय में 45 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे.

 

मंत्री संजय प्रसाद यादव ने अपने संबोधन की शुरुआत में राज्य निर्माता शिबू सोरेन को नमन किया और कहा कि यह बजट उनके सपनों के झारखंड को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि पिछले 17 वर्षों के शासन में स्पष्ट सोच की कमी रही, लेकिन वर्ष 2019 के बाद से राज्य में विकास की गति तेज हुई है.

 

अंत में मंत्री संजय प्रसाद यादव ने विधायक जयराम कुमार महतो और अन्य सदस्यों से कटौती प्रस्ताव वापस लेने का आग्रह किया. मंत्री के जवाब के बाद जयराम महतो ने अपना कटौती प्रस्ताव वापस ले लिया और सदन ने विभागीय बजट को मंजूरी देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई.

 

 


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