Ranchi : ऑड्रे हाउस में आज दो दिवसीय ‘सीएमएस वातावरण’ (CMS VATAVARAN) पर्यावरण फिल्म महोत्सव एवं फोरम का भव्य शुभारंभ हुआ. महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, जलवायु कार्रवाई और स्वदेशी ज्ञान के संरक्षण को लेकर सशक्त संदेश दिया गया.
रोहिणी नीलेकणी फिलैंथ्रोपीज के सहयोग तथा राज्य स्तरीय भागीदारों—अखरा, असर और सारथी नेटवर्क—के साथ ज्ञान भागीदार उषा मार्टिन विश्वविद्यालय एवं IUCN #NatureForAll के समर्थन से आयोजित यह महोत्सव सिनेमा के माध्यम से झारखंड की पारिस्थितिक वास्तविकताओं को सामने लाने का मंच बन रहा है.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने पारंपरिक रूप से पौधों को जल अर्पित कर महोत्सव का उद्घाटन किया. यह प्रकृति संरक्षण और विकास के संतुलन का प्रतीक रहा.
उद्घाटन सत्र में झारखंड ग्रीन एंबेसडर अवार्ड्स भी प्रदान किए गए. महिला वर्ग में बिटिया मुर्मू (पर्यावरणविद् एवं सचिव, लाहंती) और पुरुष वर्ग में गुलाब चंद्र प्रजापति (पर्यावरणविद्) को राज्य की जैव विविधता संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया.
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि झारखंड अपने वनों और प्रकृति के साथ सद्भाव में जीवन जीने वाली समुदायों की भूमि है. उन्होंने युवाओं से फिल्म जैसे आधुनिक माध्यमों का उपयोग कर प्राकृतिक विरासत की रक्षा और वैश्विक जलवायु कार्रवाई में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया.
अजय कुमार रस्तोगी (आईएफएस, सेवानिवृत्त), अध्यक्ष, टास्क फोर्स ऑन सस्टेनेबल जस्ट ट्रांजिशन एंड ग्रीन हाइड्रोजन, झारखंड, ने कहा कि राज्य में विकास की प्रक्रिया ‘न्यायसंगत परिवर्तन’ (Just Transition) पर आधारित होनी चाहिए, जो जनजातीय समुदायों और उनके स्वदेशी ज्ञान का सम्मान करे. उन्होंने कहा कि फिल्में जटिल पारिस्थितिक मुद्दों को जनसामान्य तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं.
सीएमएस वातावरण की महानिदेशक एवं IUCN #NatureForAll की अध्यक्ष डॉ. वसंती राव ने कहा कि झारखंड की पहचान उसके वनों और स्वदेशी ज्ञान में निहित है.
यह महोत्सव केवल फिल्म प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक आंदोलन को प्रेरित करने का प्रयास है, जिससे युवा खुद को हरित और स्थायी भविष्य के निर्माण में अग्रणी भूमिका में देखें.
पहले दिन का समापन उद्घाटन फिल्म “ह्यूमन्स इन द लूप” की स्क्रीनिंग के साथ हुआ, जिसके बाद फिल्म निर्माताओं, छात्रों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के बीच संवाद सत्र आयोजित किया गया.
महोत्सव में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को दर्शाती पेंटिंग प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें विशेष रूप से महिलाओं पर जलवायु संकट के असर को उकेरा गया. जमशेदपुर के ‘वायु वीर’ बच्चों ने भी वायु प्रदूषण पर अपने प्रयासों को साझा किया.
महोत्सव का दूसरा दिन 13 फरवरी को जल संरक्षण और जलवायु न्याय पर केंद्रित फिल्मों एवं कार्यशालाओं के साथ जारी रहेगा. समापन समारोह में झारखंड सरकार की पंचायती राज, ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण कार्य मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी.
उल्लेखनीय है कि सीएमएस वातावरण एशिया का प्रमुख पर्यावरण फिल्म महोत्सव एवं फोरम है, जो फिल्मों और संवाद के माध्यम से पर्यावरण एवं जलवायु मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का कार्य करता है.
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