Ramgarh News: रुंगटा परिवार, रामगढ़ के तत्वावधान में रामगढ़ जिमखाना क्लब एवं रिसोर्ट में रविवार को श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ. कथा से पूर्व नगर की माताओं-बहनों एवं गणमान्य लोगों ने भव्य कलश शोभायात्रा निकाली. लाल साड़ी पहने महिलाएं सिर पर कलश लेकर तथा पुरुष पारंपरिक परिधानों में शोभायात्रा में शामिल हुए. भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा.
विश्व प्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य श्री मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी महाराज ने कथा के प्रथम दिन श्रीमद्भागवत के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को विवेक प्रदान करती है और जीवन में अच्छाई को ग्रहण करने की प्रेरणा देती है.” उन्होंने कहा कि पितृपक्ष में भागवत कथा का श्रवण विशेष पुण्यदायी माना गया है.
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उन्होंने श्रीमद्भागवत को भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप बताते हुए कहा कि भागवत कथा मनुष्य को जीवन के सत्य से परिचित कराती है. कथा के दौरान उनके मधुर भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए और पूरा पंडाल “राधे-राधे” के जयघोष से गूंज उठा.
कथा स्थल पर झारखंड के महामहिम राज्यपाल भी पहुंचे और श्रीमद्भागवत व्यासपीठ पर विराजमान ग्रंथ को पुष्प अर्पित कर कथा का श्रवण किया. आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी ने आयोजन समिति की ओर से उन्हें राधा-कृष्ण की स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया.
यजमान परिवार की ओर से श्रीमती माया रूंगटा ने व्यासपीठ का पूजन कर गुरुजी का चंदन, माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र से स्वागत किया. कथा के दौरान राधा-कृष्ण के मोर नृत्य की झांकी ने भी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया.
शोभायात्रा में मारवाड़ी युवा मंच, महिला चेतना समिति, राणी सती मंडल, मुक्तिधाम संस्था, ओशो संस्था, मारवाड़ी महिला समाज, रामगढ़ अग्रवाल समाज सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए.
आयोजन समिति के आलोक रूंगटा ने श्रद्धालुओं से प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक होने वाली कथा में सपरिवार शामिल होने का आग्रह किया. आरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया.
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