- झामुमो, कांग्रेस, राजद और माले एकजुट, महागठबंधन को दोनों सीटों पर जीत का पूरा भरोसा
- बहुमत नहीं फिर भी मैदान में, महागठबंधन ने भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग का लगाया गंभीर आरोप
- विश्व की सबसे बड़ी पार्टी को नहीं मिला अपना उम्मीदवार, बाहर से लाना पड़ा बोरो प्लेयर
- भाजपा सिंबल पर फॉर्म खरीदा, फिर गौरव वल्लभ गायब अचानक मैदान में कूदे परिमल नाथवानी
Ranchi : झारखंड में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी अपने चरम पर है और इस बीच महागठबंधन के नेताओं ने एक सुर में भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला है. झामुमो से लेकर कांग्रेस तक, सभी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग और लोकतंत्र को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया है. महागठबंधन ने साफ कहा है कि उनके दोनों प्रत्याशियों, बैद्यनाथ राम और प्रणव झा की जीत पूरी तरह सुनिश्चित है और भाजपा की कोई भी चाल कामयाब नहीं होगी.
सुदिव्या कुमार का तंज: बोरो प्लेयर उतारने वाली भाजपा नैतिकता की बात न करे
झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता सुदिव्य कुमार ने भाजपा पर सबसे पहला और सबसे तीखा वार किया. उन्होंने कहा कि यह बेहद आश्चर्य की बात है कि खुद को विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बताने वाली भाजपा को राज्यसभा के लिए अपना एक भी योग्य कार्यकर्ता नहीं मिला.
उन्होंने कहा कि आज भाजपा को एक "बोरो प्लेयर" यानी बाहर से लाया गया खिलाड़ी मैदान में उतारना पड़ रहा है, जो उनके अपने राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए शर्म की बात है.
सुदिव्य कुमार ने मुख्यमंत्री का आभार जताया कि उन्होंने बैद्यनाथ राम जैसे समर्पित और जमीन से जुड़े कार्यकर्ता को दिल्ली का रास्ता दिखाया. साथ ही उन्होंने कांग्रेस की भी सराहना की, जिसने प्रणव झा जैसे मजबूत व्यक्तित्व को टिकट देकर लोकतांत्रिक परंपरा का पालन किया.
उन्होंने भाजपा के नैतिकता के ठेकेदारों पर सीधा प्रहार करते हुए सवाल किया कि आखिर हॉर्स ट्रेडिंग को बढ़ावा देने की कोशिश कौन कर रहा है? उन्होंने कहा कि गौरव वल्लभ द्वारा नामांकन न करने का फैसला यह साबित करता है कि भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी जीत को लेकर खुद भी आश्वस्त नहीं है और वह छद्म तरीकों से लोकतंत्र को दूषित करना चाहती है.
प्रत्याशी नाथवानी के झारखंड का बेटा होने के दावे पर पलटवार करते हुए सुदिव्य कुमार ने पूछा कि उन्हें झारखंड का बेटा किसने बनाया? उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नाथवानी का मुख्यमंत्री से मिलना कोई असामान्य बात नहीं है क्योंकि हर प्रत्याशी अपने मतदाताओं तक पहुंचता है, इसलिए इस मुलाकात के गलत मायने निकालना उचित नहीं है.
महुआ माजी की दो टूक: भाजपा के पास आंकड़े नहीं, वोटिंग के दिन होगा पर्दाफाश
झामुमो की वरिष्ठ नेता महुआ माजी ने गठबंधन में फूट की खबरों को सिरे से नकारते हुए इसे महज अफवाह करार दिया. उन्होंने माना कि हर चुनाव से पहले इस तरह की खबरें उड़ाई जाती हैं और हर पार्टी की अपनी महत्वाकांक्षाएं होती हैं. जब किसी को टिकट नहीं मिलता तो थोड़ा मनमुटाव होना स्वाभाविक है, लेकिन बड़े लक्ष्यों को देखते हुए अंत में सभी दलों के बीच बेहतर तालमेल बन ही जाता है.
माजी ने कांग्रेस की कार्यशैली पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बिना सहयोगियों को भरोसे में लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था, जो उचित नहीं था. महागठबंधन में सभी के वोटों की जरूरत होती है और कांग्रेस के पास अकेले पर्याप्त आंकड़े नहीं हैं, इसलिए सबको विश्वास में लेकर फैसला होना चाहिए था. हालांकि उन्होंने राहत जताते हुए कहा कि आपसी बातचीत के बाद अब चीजें पटरी पर लौट आई हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि सभी दल एकजुट होकर वोट करेंगे.
भाजपा पर निशाना साधते हुए माजी ने कहा कि विपक्षी दल के पास जीत के लिए जरूरी आंकड़े हैं ही नहीं, तो फिर किसने उन्हें जीत का आश्वासन दिया? उन्होंने भाजपा की स्वच्छ राजनीति के दावे पर तंज कसते हुए कहा कि वोटिंग के दिन ही सबके सामने आ जाएगा कि उनकी असली रणनीति क्या है और क्या वहां हॉर्स ट्रेडिंग की कोशिश की जा रही है.
परिमल नाथवानी की मुख्यमंत्री से मुलाकात पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक सामान्य और औपचारिक मुलाकात थी, इसे राजनीतिक रंग देना सही नहीं है. उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि झामुमो के सभी विधायक अपनी पार्टी के उम्मीदवार को वोट करेंगे और यदि आपसी तालमेल बना रहा तो कांग्रेस के उम्मीदवार की जीत की भी पूरी संभावना है.
राजेश ठाकुर का भाजपा पर तीखा हमला: हॉर्स ट्रेडिंग से लोकतंत्र को कर रहे कलंकित
कांग्रेस के नेता राजेश ठाकुर ने झारखंड विधानसभा परिसर में नामांकन के दिन भाजपा पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि राज्य में एक बार फिर "काला अध्याय" लिखने की साजिश रची जा रही है और भाजपा हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए लोकतंत्र को कलंकित करने पर उतारू है.
ठाकुर ने भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी की एंट्री को सीधे तौर पर खरीद-फरोख्त की कोशिश बताया. उन्होंने कहा कि भाजपा के पास न बहुमत का आंकड़ा है, न कोई मजबूत उम्मीदवार और न ही जनता का भरोसा. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा के कई नेता तो मैदान छोड़कर भाग रहे हैं और अब वे केवल खरीद-फरोख्त के भरोसे चुनावी लड़ाई में टिके रहना चाहते हैं.
नाथवानी की उपस्थिति पर चुटकी लेते हुए ठाकुर ने कहा कि कई लोग तो एयरपोर्ट से ही वापस लौट जाते हैं. अगर वे विधानसभा के अंदर आएंगे, तभी उन्हें मैदान में माना जाएगा. गठबंधन की एकजुटता पर उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि झामुमो, कांग्रेस, राजद और माले पूरी मजबूती के साथ एक साथ खड़े हैं और इंडिया गठबंधन दोनों ही सीटों पर भारी मतों से जीत दर्ज करेगा.
उन्होंने कहा कि हमारी जीत 100 प्रतिशत सुनिश्चित है. जिस तरह से मुख्यमंत्री ने दिलचस्पी दिखाई है और पूरी कांग्रेस पार्टी ताकत के साथ लगी है, उससे भाजपा में घबराहट साफ दिख रही है.
हालांकि, इन तमाम आरोपों और सवालों के बीच परिमल नाथवानी ने झारखंड विधानसभा परिसर में अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया, जिससे राज्यसभा चुनाव की राजनीतिक लड़ाई और तेज हो गई है.
सुखदेव भगत का सवाल: बहुमत नहीं था तो नामांकन क्यों किया?
कांग्रेस नेता सुखदेव भगत ने भाजपा की रणनीति को जनता की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास करार दिया. उन्होंने सीधे सवाल किया कि जब भाजपा के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है, तो उन्होंने अपना उम्मीदवार मैदान में क्यों उतारा? उनके अनुसार, जब बहुमत नहीं था तो नामांकन ही नहीं होना चाहिए था.
भगत ने गौरव वल्लभ और परिमल नाथवानी के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने कहा कि गौरव वल्लभ ने भाजपा के सिंबल पर नामांकन पत्र खरीदा था, लेकिन इसके बाद वह अचानक गायब हो गए. ठीक उसी समय परिमल नाथवानी मैदान में उतरे और भाजपा ने उन्हें अपना समर्थन दे दिया. भगत ने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम इस बात का प्रमाण है कि भाजपा केवल हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए चुनाव को प्रभावित करना चाहती है.
माले सहित गठबंधन की एकता पर उठ रहे सवालों को नकारते हुए भगत ने घोषणा की कि इंडिया गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और दोनों की दोनों सीटें जीतने जा रहा है. मुख्यमंत्री और नाथवानी की मुलाकात को लेकर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पूरे राज्य के होते हैं और उनसे मिलना पूरी तरह सामान्य बात है, इसे किसी राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए.
दीपिका पांडेय सिंह की चेतावनी: जनता सब देख रही है
कांग्रेस नेता दीपिका पांडेय सिंह ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह एक बार फिर झारखंड को हॉर्स ट्रेडिंग के मामले में बदनाम करने की साजिश रच रही है. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा उसी पुरानी राह पर चल रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रत्याशियों के नाम अब तक स्पष्ट न होना यह साबित करता है कि वे सीटों और सत्ता के लिए किस तरह की जोड़-तोड़ की राजनीति में लगे हैं.
दीपिका ने महागठबंधन की ताकत को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि गठबंधन के पास बैद्यनाथ राम और प्रणव झा दोनों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या बल मौजूद है. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, जनता सब देख रही है कि भाजपा सत्ता के लिए किस हद तक जा सकती है.
राजनीतिक समीकरण और आगे की लड़ाई
झारखंड की इस राजनीतिक जंग में एक तरफ महागठबंधन की एकजुटता और संख्या बल का दावा है, तो दूसरी तरफ भाजपा की रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. महागठबंधन के सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा है कि परिमल नाथवानी को मैदान में उतारना भाजपा की बेबसी और हॉर्स ट्रेडिंग की मंशा को उजागर करता है. अब सभी की निगाहें मतदान के दिन पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि महागठबंधन का एकजुटता का दावा कितना मजबूत है और भाजपा की रणनीति कितनी कारगर साबित होती है.
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