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पत्रकारों को कोरोना वॉरियर्स का दर्जा देना केंद्रीय विषय, BJP के 16 सांसद क्यों नहीं उठाते मुद्दा : JMM

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  • जेएमएम ने कहा कि केवल सर्टिफिकेट में फोटो लगाने और दो मेडिकल संस्थानों में घूम फोटो सूट कराने से कोई नहीं हो जाता योद्धा
  • आज सीएम और डीएम को एक कैटेगरी में तौला जा रहा, देश ऐसी संघीय प्रणाली से नहीं चल सकता

Ranchi : प्रदेश बीजेपी नेताओं द्वारा हेमंत सोरेन सरकार से पत्रकारों को कोरोना वॉरियर्स देने की मांग की जाती रही है. इस बीच सत्तारूढ़ JMM ने बीजेपी नेताओं पर जोरदार हमला बोला है. पार्टी प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि कोरोना वॉरियर्स दर्जा केंद्र सरकार के जिम्मे में है, तो क्यों नहीं बीजेपी के 16 सांसद इस बात को केंद्र के समक्ष प्रमुखता से रखते हैं. वहीं वैक्सीन लेने के बाद मिले सर्टिफिकेट में पीएम का फोटो होना या दो मेडिकल संस्थानों में पीएम दौरे के दौरान फोटो सूट करना केवल कोरोना योद्धा का संकेत नहीं है.
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि कोरोना वॉरियर्स का दर्जा देने और उसके तहत जो कवरेज देना पड़ता है, वह पैंडेमिक एक्ट और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत आता है. यह निर्णय लेना पूरी तरह से भारत सरकार के हाथों में है. इसमें पैंडेमिक एक्ट स्वास्थ्य विभाग और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट गृह विभाग का विषय है. सुप्रियो ने कहा झारखंड से भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगियों को मिलाकर कुल 16 सांसद है. होना चाहिए था कि सभी भाजपा सांसद इस बात का संज्ञान केंद्र सरकार के पास लेकर जाएं.

पीएम बैठक में किसी को नहीं बोलने नहीं देते

जेएमएम नेता ने कहा कि हेमंत सोरेन इस आपदा के समय में सत्ता और विपक्ष के सभी सांसद व विधायकों से राय मशविरा करते हैं. उनको समय देकर उनकी बात सुनते हैं. वहीं पीएम जब राज्यों के सीएम से बात करते हैं, तो उन्हें बोलने का मौका नहीं देते हैं.स्थिति यह है कि आज पीएम सीएम को डीएम के कैटेगरी में लाकर रख दिये हैं. केंद्र को यह समझना चाहिए कि देश ऐसी संघीय प्रणाली से नहीं चल सकता है.
सुप्रियो ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में केवल 35000 करोड़ रुपये वैक्सीनेशन के लिए रखा गया था. लेकिन अब सरकार ने माना है कि वैक्सीन के रिसर्च, डेवपलमेंट और प्रोडक्शन में एक भी रुपये खर्च न तो सीरम इंस्टीट्यूट को दिया गया न ही भारत बायोटेक को. यह सारे पैसा कुछ बाजार से जुटाये गये और कुछ विदेशों से जुटाये गये. सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा केवल उपरोक्त दोनों संस्थानों में विजिट करते हुए फोटो सूट कराने से यह नहीं होता है कि वे वैक्सीन योद्धा हैं. वैक्सीन लेने के बाद मिली सर्टिफिकेट में प्रधानमंत्री का फोटो का लगा देना बीजेपी को क्रेडिट नहीं जाता है.

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