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गुजरात से हो रहा फर्जीवाड़ा का पूरा काम
जानकारी के अनुसार, जीएसटी फ्रॉड का पूरा काम गुजरात से चल रहा था. अधिकारियों के अनुसार, सेंट्रल जीएसटी इंटेलीजेंस (Central GST Intelligence) ने फ्रॉड के इस नेटवर्क का पता लगाया. यह पहला ऐसा मामला है जब बिजली बिल का इस्तेमाल कर जीएसटी फ्रॉड को अंजाम दिया गया है. आरोपियों ने बिजली बिल के यूनिक नंबर का इस्तेमाल कर फर्जी कंपनियां बनायीं. इस मामले में गुजरात से तीन लोगों की गिरफ्तारी की गयी. गिरफ्तार हुए लोगों की पहचान सुलेमान करीम (29), शम्सुद्दीन अमीन बोधानी (33) और फिरोज खान (36) के रूप में की गयी है. तीनों गुजरात के ही रहने वाले हैं. इसे भी पढ़े : बहरागोड़ा:">https://lagatar.in/baharagora-threat-to-villagers-due-to-flood-of-swarnrekha-river-crisis-of-illegal-sand-mining-on-the-river/">बहरागोड़ा:ग्रामीणों को खतरा स्वर्णरेखा नदी की बाढ़ से, नदी पर बालू के अवैध उत्खनन का संकट
इंदौर की 80 फीसदी आबादी का डेटा का हुआ गलत इस्तेमाल
जानकारी के अनुसार, तीनों लोगों ने चोरी की गयी आइडेंटिटी पर 550 फर्जी कंपनियां बनायी थी. कंपनियां रजिस्टर कराने के लिए आम लोगों के बिजली बिल का इस्तेमाल किया गया. इतना ही नहीं इस फ्रॉड में इंदौर के 80 फीसदी लोगों की निजी जानकारियों का दुरुपयोग किया गया. जांच में पता चला कि जिन लोगों के बिजली बिल का इस्तेमाल किया गया उन्होंने जीएसटी पोर्टल (GST Portal) पर कोई फर्म रजिस्टर नहीं की है. इसे भी पढ़े : शहर">https://lagatar.in/mutation-of-land-of-vishnu-aggarwal-by-showing-offline-receipt-number-of-city-zone-the-role-of-co-growing-in-the-circle-of-questions/">शहरअंचल का OFFLINE रसीद नंबर दिखाकर विष्णु अग्रवाल की भूमि का म्यूटेशन! सवालों के घेरे में बड़गाई CO की भूमिका [wpse_comments_template]

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