NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट द्वारा गुजरात दंगों में पीएम मोदी को क्लीन चिट दिये जाने के बाद रिटायर डीजीपी आरबी श्रीकुमार, पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट और एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ के खिलाफ नयी एफआईआर दर्ज होने की खबर है. बता दें कि अहमदाबाद डिटेक्शन ऑफ क्राइम ब्रांच (डीसीबी) ने सेवानिवृत्त डीजीपी आरबी श्रीकुमार को अपनी गिरफ्त में ले लिया है. याचिकाकर्ता जकिया जाफरी का समर्थन करने वाली मुंबई की एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. एफआईआर में अपराध की घटना की अवधि का उल्लेख 1 जनवरी 2002 से लेकर 25 जून 2022 तक किया गया है.
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| Gujarat ATS team with detained Teesta Setalvad reached Crime Branch, Ahmedabad, early morning today. She was taken into custody yesterday, June 25, in relation to a case on her NGO pic.twitter.com/eclvhuiFmN
— ANI (@ANI) June">https://twitter.com/ANI/status/1540899516291088384?ref_src=twsrc%5Etfw">June
26, 2022
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संजीव भट्ट, आरबी श्रीकुमार ने निर्दोष लोगों के खिलाफ झूठी और दुर्भावनापूर्ण आपराधिक कार्यवाही शुरू की
एसआईटी के अनुसार संजीव भट्ट, आरबी श्रीकुमार, तीस्ता सीतलवाड़ सहित अन्य लोगों ने नुकसान पहुंचाने के इरादे से निर्दोष लोगों के खिलाफ झूठी और दुर्भावनापूर्ण आपराधिक कार्यवाही शुरू की थी. यह धारा 211 के तहत दंडनीय अधिनियम है. आरोप है कि संजीव भट्ट और आरबी श्रीकुमार ने कई लोगों को फंसाने के इरादे से गलत रिकॉर्ड बनाये थे. वे आईपीसी की धारा 218 के तहत दोषी हैं. संजीव भट्ट की भूमिका के संदर्भ में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार उन्होंने 30 दिसंबर 2011 को नानावती-मेहता जांच आयोग के सचिव को एक पत्र भेजा था. यह 28 फरवरी 2002 के फैक्स संदेश की एक प्रति थी. इसे भी पढ़ें : सुबह">https://lagatar.in/jharkhand-news-morning-news-diary-26-june-2022/">सुबहकी न्यूज डायरी।।26 June।।मांडर उपचुनावःकाउंटिंग आज।।द्रौपदी ने झामुमो से मांगा समर्थन।।बीजेपी का कांग्रेस पर निशाना।।शिंदे के ट्वीट से उद्धव बेचैन।।समेत कई खबरें और वीडियो।।
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