इस क्रम में बिलकिस बानो केस की जांच करने वाले रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी विवेक दुबे का कहना है कि 14 साल के बाद 11 दोषियों की रिहाई ने दिखाया है कि उनमें सुधार आ गया था. इसके साथ ही उन्होंने दोषियों की रिहाई का विरोध करने वालों पर भी हमला बोला है. उन्होंने कहा कि ऐसा करना संविधान की भावना के खिलाफ है. इसे भी पढ़ें : नितिन">https://lagatar.in/nitin-gadkari-said-time-is-the-biggest-capital-not-taking-timely-decisions-is-the-biggest-problem-of-the-government/">नितिनThe remission order of releasing convicts by the state government in Bilkis Bano case challenged before the Supreme Court. pic.twitter.com/mvxwWeQnyy
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— ANI (@ANI) August">https://twitter.com/ANI/status/1561951025434890241?ref_src=twsrc%5Etfw">August
23, 2022
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12 लोगों को उम्रकैद की सजा मिली थी
बता दें कि विवेक दुबे सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर थे, जिन्होंने बिलकिस बानो गैंगरेप केस की जांच की थी. इस केस की जांच का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया था. विवेक दुबे की टीम ने ही इस मामले की जांच की थी. उसके आधार पर ही 12 लोगों को उम्रकैद की सजा मिली थी. इनमें से एक आरोपी ने आत्महत्या कर ली थी. इन लोगों में 5 पुलिस वाले और दो डॉक्टर भी शामिल थे. बता दें कि गुजरात दंगों के दौरान दाहोद जिले में बिलकिस बानो के परिवार के लोगों की हत्याएं कर दी गयी थी. इसी दौरान प्रेगनेंट बिलकिस बानो से गैंगरेप की घटना भी हुई थी. इसे भी पढ़ें : TikTok">https://lagatar.in/tiktok-star-and-bjp-leader-sonali-phogat-dies-of-heart-attack-was-also-seen-in-bigg-boss-14/">TikTokस्टार और बीजेपी नेता सोनाली फोगाट का हार्ट अटैक से निधन, Big Boss 14 में भी आयी थीं नजर

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