Gumla News : गुमला डीसी दिलेश्वर महतो ने बुधवार को बायो डाइवर्सिटी पार्क का निरीक्षण किया. उनके साथ जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी अहमद बेलाल अनवर भी थे. डीसी ने पार्क में विकसित किए जा रहे नक्षत्र वन के लिए चयनित व लगाए जा रहे औषधीय पौधों का अवलोकन किया. उन्होंने इन पौधों के संरक्षण, उपयोग व आम लोगों तक इनकी जानकारी पहुंचाने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए.
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ज्ञात हो कि जिले के लोगों को जंगल व प्रकृति से जोड़ने के उद्देश्य से बायो डाइवर्सिटी पार्क में औषधीय पौधों से समृद्ध नक्षत्र वन विकसित किया जा रहा है. औषधीय पौधों के विशेषज्ञ डॉ. सत्यनारायण सिंह के सहयोग से वन विभाग विभिन्न प्रजातियों के पौधों को चिह्नित कर पार्क में उन्हें लगा रहा है.
डॉ. सत्यनारायण सिंह ने डीसी को 80 से अधिक प्रकार के औषधीय व उपयोगी पौधों के बारे में जानकारी दी. इनमें करंज, गांजा, घृतकुमारी (एलोवेरा), बबूल, अंजीर, हरड़, बहेड़ा, मदनफल, बांदा, खजूर, इमली, ताड़, धतूरा, कुचला, सेमल, करोंदा, पपीता, नाशपाती, शहतूत, कनेर, फालसा, फरहद, खास, तेंदू, छतिहन, कमेला, अतिबला, चिरौंजी, मरड़फली, वन कपास, भिलावा, बरहाल एवं अडूसा सहित अनेक प्रजातियां शामिल हैं.
डॉ. सत्यनारायण सिंह ने डीसी व डीएफओ को इन पौधों से तैयार किए गए औषधीय उत्पादों, सीरप, जूस व तेल दिखाया. साथ इन उत्पादों के उपयोग व फायदों के बारे में भी जानकारी दी. डीसी ने इस प्रयास की सराहना की.
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