- दिव्यांगों ने मांगी कृत्रिम पैर और इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर
- किसानों ने कृषि ऋण में राहत की लगाई गुहार
Gumla News: गुमला समाहरणालय परिसर में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार में उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं. इस दौरान भूमि विवाद, जमीन पर अवैध कब्जा, सड़क-पुल निर्माण, दिव्यांगजनों को सहायता, स्वरोजगार के लिए ऋण, कृषि ऋण में राहत और जनसुविधाओं से जुड़े कई मामले सामने आए. उपायुक्त ने सभी फरियादियों की शिकायतें सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
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जमीन विवाद और अवैध कब्जे की शिकायतें प्रमुखता से उठीं
जनता दरबार में भूमि विवाद से जुड़े कई गंभीर मामले सामने आए. सानारोली निवासी अर्जुन महतो ने आम रास्ते पर अतिक्रमण, सार्वजनिक नाली बंद करने और पेयजल स्रोत के समीप गड्ढा खोदकर पानी दूषित करने की शिकायत की. वहीं कदमटोली के अनुसूचित जनजाति समुदाय के रैयतों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा किए जाने का आरोप लगाया.
सिसई रोड निवासी तसमिया परवीन ने अपनी मां की जमीन पर जबरन कब्जा किए जाने की शिकायत की. घाघरा के कुराग निवासी महादेव महतो ने धोखाधड़ी कर जमीन की रजिस्ट्री कराने और बकाया राशि का भुगतान नहीं करने का मामला उठाया. इसके अलावा चन्दाली निवासी सरस्वती बखला ने जमीन से अवैध कब्जा हटाने तथा कुलाबीरा निवासी तेतरू साहु ने खेत में तैयार धान की फसल चोरी होने पर कार्रवाई की मांग की.
सड़क और पुल निर्माण की मांग
डुमराडीह पंचायत के पड़कीटोली ग्रामीणों ने नवाडीह-पड़कीटोली-गम्हरिया मार्ग एवं खतवा नदी पर पुल निर्माण कराने की मांग रखी. वहीं चुगलू पंचायत के ग्रामीणों ने चुगलू से सकरपुर गम्हरिया तक लगभग पांच किलोमीटर पक्की सड़क बनाने का आग्रह किया. ग्रामीणों का कहना था कि सड़क की जर्जर स्थिति के कारण विद्यार्थियों, मरीजों और किसानों को आवागमन में काफी परेशानी होती है. इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर मांझारोली से रायडीह तक सड़क की खराब स्थिति और उड़ती धूल से हो रही परेशानी का मामला भी उठाया गया.
दिव्यांगों ने मांगी कृत्रिम पैर और इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर
जनता दरबार में दिव्यांगजनों ने भी अपनी जरूरतों को लेकर आवेदन दिया. पालकोट के नावाटोली निवासी दिव्यांग ईश्वर उरांव ने दुर्घटना में पैर गंवाने के बाद कृत्रिम पैर उपलब्ध कराने के लिए सरकारी सहायता मांगी. वहीं पतिया निवासी दिव्यांग रोहित साहु ने आवागमन को सुगम बनाने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया. बसन्ती कुमारी ने अपनी वृद्ध माता के भरण-पोषण के लिए रोजगार उपलब्ध कराने की मांग रखी.
मुद्रा ऋण और कृषि ऋण में राहत की गुहार
आर्थिक समस्याओं से जुड़े मामलों में सिसई निवासी संजय कुमार सिंह ने मुद्रा ऋण के लिए आवेदन देने के बावजूद बैंक की ओर से अब तक कार्रवाई नहीं किए जाने की शिकायत की. खरतंगा निवासी किसान जयराम उरांव ने गंभीर बीमारी और आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए कृषि ऋण के बकाया एवं ब्याज में राहत देने की मांग की. वहीं सुरसा (पूसो) निवासी संतोष कुमार सिंह ने अपनी निजी जमीन पर लगे हरे-भरे पेड़ों की कटाई के मामले में कार्रवाई नहीं होने की शिकायत की.
इसके अलावा पुगू घांसी टोली के ग्रामीणों ने वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए चामू उरांव की प्रतिमा की सुरक्षा और स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए चहारदीवारी निर्माण कराने की मांग की. वहीं सरना अवतार एड़पा एवं पारंपरिक पंचायतों के प्रतिनिधियों ने स्थानीय संस्कृति और लोककला के संरक्षण के लिए कलाकारों को 170 पारंपरिक वाद्ययंत्र, मांदर एवं नगाड़ा उपलब्ध कराने का आग्रह किया.
समय-सीमा में जांच प्रतिवेदन देने का निर्देश
उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने सभी आवेदनों को संबंधित विभागीय पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों एवं पुलिस प्रशासन को अग्रसारित करते हुए गंभीरता से जांच करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत पर नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए.
उपायुक्त ने कहा कि आमजनों की समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी निष्पादन जिला प्रशासन की प्राथमिकता है. जनता दरबार प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों को गंभीरता से लें और त्वरित कार्रवाई कर लोगों को अनावश्यक परेशानियों से राहत दिलाएं.
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