Gumla News: ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके छोटे-बड़े व्यवसायों को नई दिशा देने के उद्देश्य से बुधवार को जिला उपायुक्त सभागार में झारखंड उद्यम संवर्धन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम का आयोजन झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी एवं भारतीय प्रबंधन संस्थान इनक्यूबेशन एंड मेंटरशिप इनिशिएटिव के संयुक्त तत्वावधान में किया गया.
कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त दिलेश्वर महतो, उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, जिला परिषद अध्यक्ष किरण बाड़ा, जिला परिषद उपाध्यक्ष संयुक्ता सिंह ने संयुक्त रूप से किया. इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचीं उद्यमी दीदियों, बैंक सखी, सामुदायिक संसाधन व्यक्ति-उद्यम संवर्धन, व्यवसाय विकास सेवा प्रदाता तथा जिला एवं प्रखंड स्तर के कर्मियों ने भाग लिया.
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महिलाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा संचालित उद्यमों को मजबूत करना और उन्हें सफल व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराना है. इसके तहत महिला उद्यमियों को क्षमता निर्माण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता, आसान ऋण, बाजार से जुड़ाव, उत्पाद की पहचान, ब्रांडिंग और बेहतर पैकेजिंग जैसी सुविधाओं से जोड़ने की पहल की जाएगी.
इसके माध्यम से महिलाओं को अपने मौजूदा व्यवसाय को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने तथा अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी.
रागी प्रसंस्करण और कस्तूरी उत्पाद मिसाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा जिले में संचालित विभिन्न गतिविधियों की सराहना की. उन्होंने रागी प्रसंस्करण इकाई, कस्तूरी उत्पाद सहित अन्य सफल ग्रामीण उद्यमों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले में जो गतिविधियां बेहतर तरीके से संचालित हो रही हैं, उनसे सीख लेकर इसी तरह के नए उद्यमों को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए.
उन्होंने महिला उद्यमियों से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने तथा उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और बाजार की मांग पर विशेष ध्यान देने की अपील की.
स्थानीय कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन ने कहा कि स्थानीय जरूरतों और जिले की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए नए उद्यम विकसित किए जा सकते हैं. उन्होंने गुमला आने वाले पर्यटकों एवं अन्य आगंतुकों की आवश्यकताओं को देखते हुए होम स्टे, दोपहिया वाहन किराया सेवा और भोजनालय जैसे सेवा आधारित व्यवसायों की संभावनाओं पर प्रकाश डाला.
वहीं जिला परिषद अध्यक्ष किरण बाड़ा ने महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार एवं विभिन्न संस्थाओं की ओर से उपलब्ध सुविधाओं का बेहतर उपयोग कर महिलाएं अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकती हैं.
गांवों तक पहुंचेगा विशेषज्ञ मार्गदर्शन
कार्यक्रम के तहत रांची में केंद्रीय केंद्र तथा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग केंद्र विकसित किए जाने की परिकल्पना की गई है. इनके माध्यम से ग्रामीण उद्यमियों को विशेषज्ञ सलाह, व्यवसाय प्रबंधन, नई तकनीक, नवाचार और बाजार से जुड़ने में सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा.
कार्यक्रम के दौरान भारतीय प्रबंधन संस्थान इनक्यूबेशन एंड मेंटरशिप इनिशिएटिव की अश्रुता सिंह एवं आलोक रंजन ने प्रतिभागियों को कार्यक्रम की अवधारणा, उद्देश्य, कार्यप्रणाली और उद्यमियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी.
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