- झारखंड की समृद्ध जनजातीय परंपरा व इतिहास से परिचित हो रहे विद्यार्थी
Gumla : विश्व आदिवासी दिवस 2026 के अवसर पर झारखंड शिक्षा परियोजना द्वारा जनजातीय संस्कृति, परंपरा व इतिहास को नई पीढ़ी से जोड़ने के उद्देश्य से ऑनलाइन जनजातीय क्विज की पहल की गई है.
दस मिनट दस सवाल की थीम पर आधारित इस क्विज में झारखंड की समृद्ध जनजातीय विरासत, इतिहास, संस्कृति व परंपराओं से जुड़े रोचक व ज्ञानवर्धक प्रश्न शामिल किए गए हैं.क्विज का उद्देश्य विद्यार्थियों में झारखंड की जनजातीय विरासत के प्रति जिज्ञासा, जागरूकता व गौरव की भावना विकसित करना है.
डिजिटल माध्यम से आयोजित इस गतिविधि के जरिए विद्यार्थी घर बैठे अपनी जानकारी को परखने के साथ-साथ झारखंड की विविध जनजातीय परंपराओं के बारे में नया ज्ञान भी प्राप्त कर सकेंगे. क्विज लिंक एवं स्कैनर के माध्यम से क्विज में भाग लिया जा सकता है तथा क्विज फाइनल सबमिट करने के बाद अपना फाइनल स्कोर कार्ड भी देखे जा सकते हैं.
क्विज का लिंक जिले के सभी विद्यालयों, संकुल व प्रखंड स्तर पर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व अभिभावकों की सहभागिता के लिए प्रसारित किया गया है. विद्यालयों व शिक्षकों के माध्यम से अधिक से अधिक विद्यार्थियों व अभिभावकों को इसमें शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. यह ऑनलाइन जनजातीय क्विज बीपीओ दिलदार सिंह द्वारा तैयार किया गया है, जिसे जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो द्वारा जिले के सभी संबंधित शैक्षणिक संस्थानों एवं शिक्षा तंत्र तक प्रसारित किया गया है.
गुमला जैसे जनजातीय बहुल जिले में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर यह पहल विशेष महत्व रखती है. इसके माध्यम से शिक्षा और तकनीक को जनजातीय संस्कृति से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को अपनी जड़ों, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को जानने का अवसर प्रदान किया जा रहा है. यह पहल विश्व आदिवासी दिवस को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखते हुए इसे सीखने, जानने और अपनी समृद्ध जनजातीय विरासत पर गर्व करने के अवसर के रूप में प्रस्तुत करती है.


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