- पहले चरण में लगाए जाएंगे 80 हजार चाय के पौधे
- स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद
Gumla News: जिले में कृषि विविधता को बढ़ावा देने तथा रोजगार के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग की ओर से चाय की खेती की पहल की जा रही है. इसी क्रम में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन ने नरमा, बिशुनपुर स्थित कृषि प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने चाय के पौधरोपण कार्य की प्रगति एवं खेती के लिए विकसित की जा रही आधारभूत संरचनाओं का जायजा लिया.
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चाय की खेती योजना के प्रथम चरण में कृषि प्रक्षेत्र नरमा, बिशुनपुर में कुल 80,000 चाय के पौधे लगाए जाएंगे. वर्तमान में यहां पौधरोपण का कार्य किया जा रहा है. चाय की खेती को व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रक्षेत्र में पैक हाउस, माली शेड, वाटर टैंक, फेंसिंग तथा सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर की व्यवस्था भी की गई है. इन सुविधाओं से पौधों की देखभाल, सिंचाई एवं खेती के बेहतर प्रबंधन में सहायता मिलेगी.
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त ने कहा कि गुमला जिले में चाय की खेती की पहल कृषि के क्षेत्र में एक नया आयाम स्थापित कर सकती है. चाय की खेती से जिले में कृषि की नई संभावनाएं विकसित होंगी तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे. उन्होंने कहा कि चाय उत्पादन को बढ़ावा देकर जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ राज्य को चाय उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी योगदान दिया जा सकता है.
इस अवसर पर जिला उद्यान पदाधिकारी, गुमला ने बताया कि नर्मा, बिशुनपुर में चाय की खेती की पहल क्षेत्र के लिए वरदान साबित हो सकती है. चाय की खेती के सफल विकास से जिले में कृषि के क्षेत्र में विविधता आएगी तथा भविष्य में इस क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी विकसित होंगी.
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