Ranchi News: भाकपा-माले के राज्य सचिव मनोज भक्त ने राज्य कमिटी की ओर से कहा कि चुनाव आयोग द्वारा की जा रही लीपापोती से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मनमानी और संवैधानिक जिम्मेदारी के साथ गद्दारी के आरोपों की ही पुष्टि हो रही है. उन्होंने कहा कि अन्य दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को नजरअंदाज करने से साफ है कि ज्ञानेश कुमार अपने पद का इस्तेमाल निहित स्वार्थों और राजनीतिक हितों के लिए कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार का पद पर बने रहना देश और लोकतंत्र के लिए खतरनाक है. भाकपा-माले ने ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सप्ताहव्यापी प्रतिवाद कार्यक्रम चलाने की घोषणा की है.
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मनोज भक्त ने कहा कि एसआईआर पर संविधान विशेषज्ञों, पूरे विपक्ष और पूर्व चुनाव आयुक्तों ने पहले भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं. अब चुनाव आयोग के भीतर और आयोग के बहुमत की असहमति भी उजागर हो गई है. उन्होंने कहा कि एसआईआर को तत्काल रद्द किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि हाल में हुए चुनावों पर उठ रहे सवाल जायज हैं. इसलिए इन चुनावों को रद्द किया जाना चाहिए. एसआईआर के माध्यम से बनाई गई मतदाता सूचियों के आधार पर कराए गए चुनावों की विश्वसनीयता संदिग्ध है. इसलिए एसआईआर प्रक्रिया के बाद से हुए चुनावों को भी रद्द करने की मांग भाकपा-माले ने की है.
भाकपा-माले ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से देश की उम्मीदें जुड़ गई हैं. यह देश के संविधान, चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था और लाखों शहीदों की बेशकीमती कुर्बानियों से हासिल आजादी में मिले गणतंत्र की रक्षा का सवाल है. पार्टी ने देश के तमाम नागरिकों से अपील की कि वे ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद करें.
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