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जमीन घोटाला मामला: शेखर कुशवाहा ने सहयोगी के साथ मिलकर बनाया था 1971 का फर्जी डीड

 
Ranchi: जमीन घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को जमीन कारोबारी शेखर कुशवाहा और उसके तीन सहयोगियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया है. जिन तीन लोगों पर चार्जशीट दायर किया गया है उनमें से सिर्फ शेखर कुशवाहा को एजेंसी के द्वारा गिरफ्तार किया गया है. ईडी की जांच में पता चला है कि शेखर कुशवाहा ने अपने सहयोगी प्रियरंजन सहाय, विपिन सिंह, इरशाद अंसारी, अफसर अली समेत अन्य के साथ मिलकर सरकारी कर्मी भानु प्रताप प्रसाद की मिलीभगत से 1971 का फर्जी डीड बनाया था. ईडी के चार्जशीट में सभी बातों का जिक्र किया गया है, साथ ही मौजूद साक्ष्य भी उपलब्ध करवाये गए हैं.

रैयत जितुआ भोक्ता का नाम बदलकर समरेंद्र चंद्र घोषाल के नाम की एंट्री कर दी गई

ईडी जांच में यह बात सामने आई है कि बड़गाईं अंचल के तत्कालीन अंचल राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रताप के साथ मिलकर शेखर कुशवाहा ने बरियातू की 4.83 एकड़ की जमीन के रैयत जितुआ भोक्ता का नाम बदल कर समरेंद्र चंद्र घोषाल के नाम की एंट्री कर गैरमजरूआ जमीन को सामान्य खाते की जमीन में बदल दिया था. इसके बाद 22.61 करोड़ की जमीन को 100 करोड़ से अधिक कीमत में बेचने की तैयारी थी. इसे भी पढ़ें - बांग्लादेश">https://lagatar.in/bangladesh-protestors-surrounded-the-supreme-court-chief-justice-obaidul-hasan-resigned/">बांग्लादेश

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