डे मील खिलाने को लेकर ऊहापोह में शिक्षक, घर-घर जाकर बच्चों की हो रही तलाश
सरकारी शिक्षकविहीन हो जाएंगे कई विद्यालय
एनआईसी में प्रकाशित सूची पर प्रवीण कुमार ने कहा कि जिले के लगभग 50 विद्यालय सरकारी शिक्षक विहीन हो जाएंगे. इसमें छात्र संख्या में सुधार नही किया गया. उन्होंने कहा कि जनवरी में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों की भी गणना कर ली गई है. मृत शिक्षकों का भी सूची में नाम होना डीएसई कार्यालय की कार्यशैली में लापरवाही को दर्शाता है. आपत्ति निराकरण की अनदेखी करते हुए लिस्ट के जारी होने से शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. प्रवीण कुमार ने कहा कि यह सूची बिना आपत्ति के निराकरण किए ही प्रकाशित किया गया है. इसे भी पढ़ें - अब">https://lagatar.in/now-on-march-5-adivasi-bachao-maharally-will-protest-against-making-planning-policy-and-including-kurmi-in-st-list/">अब5 मार्च को होगी आदिवासी बचाओ महारैली, नियोजन नीति बनाने और कुर्मी को एसटी सूची में शामिल करने का करेंगे विरोध [wpse_comments_template]

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