Jaydeep Kumar Hazaribagh: बरही कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का 16वां स्थापना दिवस समारोह सोमवार को मनाया जाएगा. इसे लेकर छात्राओं में काफी उत्साह है. बता दें कि इन 16 वर्षों में इस विद्यालय ने कई कीर्तिमान गढ़े हैं. 84 छात्राओं से शुरू हुए स्कूल में आज 400 बालिकाएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं. यहां की छात्राएं विभिन्न विधाओं में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं. केंद्र व राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से स्थापित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का शुभारंभ बीआरसी भवन के मात्र तीन कमरों में 5 सितंबर 2006 को तत्कालीन बीईईओ विजय राम व एनपीईजीएल की शिक्षिका सह कार्यवाहक वार्डेन बिमला देवी, पुष्पा कुमारी और साजदा खातून के देखरेख में की गई थी. जनवरी 2007 में 84 नामांकित छात्राओं व तीन शिक्षिकाएं खुशबू अमन वर्मा, सुमनलता कुमारी, निशि कुमारी के साथ बतौर वार्डेन ज्योति वर्मा को विद्यालय का प्रभार मिला था. आवासीय व्यवस्था के बावजूद उस विद्यालय में मात्र 30 से 35 छात्राएं ही नियमित रहती थी. प्रारंभ के दो वर्षों तक वार्डेन व शिक्षिकाओं ने घर-घर जाकर अभिभावकों को विद्यालय के प्रति विश्वास जगाया और बच्चियों को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया. वर्ष 2009 में राज्य सरकार के निर्देशानुसार नौवीं और दसवीं की कक्षाएं भी प्रारंभ हुईं. एक ही कमरे में दो कक्षाएं संचालित की गईं. छात्राओं को हरसंभव सुविधा देते हुए शिक्षण व्यवस्था के अतिरिक्त तीरंदाजी, कराटे, नृत्य-संगीत और सिलाई-पेंटिंग की गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिए गए. इसका सुखद परिणाम 2009-10 में आया. तब जिलास्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में गीता कुमारी और पेंटिग्स में प्रीति कुमारी ने जिला टॉपर बन विद्यालय का नाम रौशन किया. विद्यालय से 50 छात्राओं का पहला बैच 2010 में मैट्रिक परीक्षा में शामिल हुआ. इसमें 40% प्रथम श्रेणी के साथ शत-प्रतिशत छात्राएं सफल हुईं. उसी वर्ष विद्यालय को प्लस टू के लिए उत्क्रमित किया गया. वर्ष 2012 में विद्यालय की छात्राओं ने राज्यस्तरीय कराटे प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. कोलकाता के राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप प्रतियोगिता में विद्यालय की सकीना खातून को कांस्य व प्रीति गुप्ता को गोल्ड पदक से नवाजा गया. गोल्ड मेडलिस्ट प्रीति ने 2012 में ही अंतराष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप प्रतियोगिता के लिए सिंगापुर में शामिल होकर विद्यालय का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करवाया. इसी वर्ष पहली बार इंटर की परीक्षा में शामिल हुई छात्राओं ने शत प्रतिशत कामयाबी हासिल कर विद्यालय का परचम लहराया. इसे भी पढ़ें– आर्थिक">https://lagatar.in/good-news-on-the-economic-front-india-will-be-the-worlds-third-largest-economy-by-2029-sbi-report/">आर्थिक
मोर्चे पर गुड न्यूज, 2029 तक भारत होगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी : एसबीआई की रिपोर्ट फिर वर्ष 2013 में जीटी रोड स्थित बरसोत में पौने तीन करोड़ की लागत से करीब पौने दो एकड़ क्षेत्र में बना भवन विद्यालय शिफ्ट हुआ. इसके निर्माण में वार्डेन वर्मा, तत्कालीन मुखिया मोतीलाल चौधरी और उनके पिता बाल गोविंद प्रसाद के साथ बिनोद सिंह का महत्वपूर्ण सहयोग मिला. वर्ष 2014 में विद्यालय की आशा कुमारी (वर्तमान प्रमुख मनोज रजक की बहन) ने एक और कीर्तिमान जोड़ते हुए कोलकाता के राष्ट्रीय बुशु प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल प्राप्त किया. वही 2014-15 में ही पूजा कुमारी ने भी राज्यस्तरीय योगा प्रतोयोगिता में विद्यालय को प्रथम स्थान दिलाने का काम किया. वर्ष 2019 में मैट्रिक की परीक्षा में जिला टॉप-10 मे रहने वाली कंचन कुमारी ने कोलकाता में ही एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर कर्राटे प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल प्राप्त कर विद्यालय का मान बढ़ाया. इसके अलावा स्थानीय, प्रखंड व जिला स्तर पर आयोजित कला संगम व अन्य प्रतियोगिताओ में भी विद्यालय की छात्राओ ने अव्वल रहते हुए कई कीर्तिमान स्थापित किया. इसे भी पढ़ें– आज">https://lagatar.in/cant-criticize-pm-modi-today-danger-of-going-to-jail-said-former-supreme-court-judge/">आज
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हजारीबाग: बरही कस्तूरबा विद्यालय ने 16 वर्षों में गढ़े कई कीर्तिमान

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