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हजारीबाग : आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार को मिला सहारा

 
बेसहारा परिवार की मदद कर कोषागार पदाधिकारी ने पेश की नजीर सेवानिवृत्त कर्मी की मौत के बाद अटकी थी पेंशन Hazaribagh:  जिला कोषागार पदाधिकारी उज्ज्वल चौरसिया ने एक बेसहारा गरीब परिवार की मदद कर ऐसी नजीर पेश की है. उन्होंने आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी के परिवार के लिए खत्म हो चुकी पेंशन की उम्मीद को फिर से जिंदा कर मानवता परिचय दिया है. दरअसल, इचाक अंचल कार्यालय से सेवानिवृत्त लिपिक शिव प्रसाद की मृत्यु के पश्चात उनकी पांच पुत्रियों (दो दिव्यांग) के समक्ष समस्याओं का पहाड़ खड़ा हो गया था. उनकी देखभाल की जिम्मेवारी उनकी बड़ी बहन के कंधों पर थी. शिव प्रसाद अविभाजित बिहार के समय में सेवा में आए थे और बीते वर्ष हजारीबाग से सेवानिवृत्त हुए थे. उनके घर में कोई पुरुष नहीं होने तथा खुद बीमार रहने व दिव्यांग बेटियों की परवरिश के कारण पेंशन आदि विभागीय कार्रवाई नहीं हो पाई थी. उनके आकस्मिक निधन के बाद परिवार के भरण-पोषण की बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी. पेंशन स्वीकृति संबधी जानकारी जिला समाहरणालय के कोषागार कार्यालय को प्राप्त होने के बाद कोषागार पदाधिकारी (टीओ) उज्ज्वल चौरसिया व्यक्तिगत तौर पर उक्त परिवार के घर गए. इसे भी पढ़ें-केंद्र">https://lagatar.in/ed-is-working-on-the-instructions-of-the-central-government-sanjeev-bedia/">केंद्र

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टीओ ने एजी कार्यालय से वार्ता कर शुरू करायी पेंशन

उन्होंने परिवार की परिस्थितियां काफी दयनीय पाई. टीओ ने बताया कि पेंशन निर्गत करने के लिए बिहार सरकार के एजी कार्यालय से लेकर झारखंड सरकार के एजी कार्यालय तक कई चरणों में वार्ता की गई तथा कागजातों को एकत्रित किया गया. अंततः दोनों राज्यों से सहमति की स्वीकृति के फलस्वरूप कोषागार कार्यालय को पेंशन निर्गत करने की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गईं. इतने प्रयासों के बाद अब स्व. शिव प्रसाद की बेटियों को उनके पिता के पेंशन का लाभ मिल पाएगा. इसे भी पढ़ें-सिमडेगा">https://lagatar.in/simdega-hindu-daughters-bier-left-from-muslims-house/">सिमडेगा

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