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हजारीबाग जेल ब्रेक: फरार 3 कैदियों में एक चार साल पहले धनबाद जेल से भी हुआ था फरार

धनबाद जेल से भागने के बाद देवा भुइयां करीब साढ़े तीन साल तक भूमिगत रहा और इस दौरान उसने हजारीबाग में भी लंबे समय तक छिपकर बिताया.
 


Hazaribagh : हजारीबाग के जेपी सेंट्रल जेल से फरार हुए तीन कैदियों में से एक देवा भुइयां चार साल पहले भी जेल से फरार हो चुका है. साल 2021 में देवा भुइयां धनबाद जेल से फरार हुआ था. फरार हुए कैदियों की तलाश में पुलिस की पांच अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो फरार बंदियों की तलाश में धनबाद, रांची और बिहार में संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं.

देवा भुइयां का रहा है आपराधिक इतिहास 


फरार कैदियों में शामिल कुख्यात देवा भुइयां उर्फ देव कुमार भुइयां का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है. देवा भुइयां का हजारीबाग से पुराना और गहरा नाता रहा है, जिससे वह इलाके की गलियों से भली-भांति परिचित था. देवा भुइयां पर एक दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. यह वही कुख्यात अपराधी है जो 2021 में धनबाद जेल से शौचालय की खिड़की तोड़कर रस्सी के सहारे फरार हो गया था.जांच में संकेत मिले हैं कि हजारीबाग जेल से फरारी के दौरान भी उसने उसी तरीके को दोहराया.

 धनबाद जेल से भागने के बाद साढ़े तीन साल रहा भूमिगत 

धनबाद जेल से भागने के बाद देवा भुइयां करीब साढ़े तीन साल तक भूमिगत रहा और इस दौरान उसने हजारीबाग में भी लंबे समय तक छिपकर बिताया. सूत्रों की मानें तो केंद्रीय कारा प्रशासन पर देवा के पूर्व के आपराधिक इतिहास को नजरअंदाज करना भारी पड़ा.

 जेल प्रशासन और कैदियों के संभावित गठजोड़ की जांच 

जांच दल अब कैदी और जेल प्रशासन के संभावित गठजोड़ की भी जांच कर रहा है.सूत्रों के अनुसार, फरारी में किसी तीसरे व्यक्ति की सहायता की आशंका जताई जा रही है, जिसने अंदर या बाहर से बंदियों को मदद पहुंचाई होगी.एसआईटी फरार बंदियों के नेटवर्क और उन्हें मदद पहुंचाने वालों की पहचान करने में जुटी है.

सिर्फ पांच लाइन की FIR, लीपापोती का प्रयास ?

 

सूत्रों के अनुसार, यह प्राथमिकी मात्र पांच लाइन की है. पहले दो लाइनों में घटना का जिक्र है और नीचे की तीन लाइनों में फरार कैदियों के नाम-पते लिखे गए हैं. इसके अतिरिक्त कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है. आवेदन में बताया गया है कि सीसीटीवी फुटेज से यह ज्ञात हुआ कि बैरक नंबर छह की खिड़की नंबर चार को काटकर रात करीब 1:36 से 2:45 बजे के बीच बंदी पलायन कर गए.लोहसिंघना थाना में प्राथमिकी संख्या 196/2025 दर्ज की गई है. फरार सभी कैदी धनबाद जिले के निवासी हैं. इनमें देवा भुइयां उर्फ देव कुमार, राहुल रजवार व जितेंद्र रवानी शामिल हैं.


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