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भगवान आदिनाथ को ही ऋषभ नाथ भी कहा जाता है
विधान समापन के बाद महाआरती की गई. मीडिया प्रभारी विजय लुहाड़िया ने बताया कि जैन शास्त्रों के अनुसार जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का जन्म आज से लाखों वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के अयोध्या नगर में चैत कृष्ण नवमी के दिन हुआ था. उन्हें ऋषभ नाथ भी कहा जाता है. उन्हें जन्म से ही संपूर्ण शास्त्रों का ज्ञान था और सभी कलाओं के ज्ञाता थे. संध्या में भक्तामर व णमोकार पाठ और महाआरती का कार्यक्रम हुआ. कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी लोगों के सहयोग के लिए जैन महिला समाज की अध्यक्षा पुष्पा अजमेरा व मंत्राणी सुशीला सेठी ने आभार प्रकट किया. इसे भी पढ़ें-ट्रिपल">https://lagatar.in/rpf-jawan-accused-of-triple-murder-gets-death-sentence/">ट्रिपलमर्डर के आरोपी आरपीएफ जवान को फांसी की सजा [wpse_comments_template]

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