यादव ने ताल ठोकी, क्षेत्रीय दल 2024 में भाजपा को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे
12 राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित
12 राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित इस फिल्म के माध्यम से बताया गया है कि संथारा या सल्लेखना से मृत्यु को प्राप्त होना आत्महत्या नहीं, बल्कि मोक्ष को प्राप्त करने का अचूक मार्ग है. संथारा और सल्लेखना के मुद्दे को फिल्म में बड़ी ही कुशलता और सूझबूझ से प्रदर्शित किया गया है. यह फिल्म सिर्फ जैन ही नहीं जैनेत्तर लोगों को प्रभावित करता है. जैन महिला समाज की आशा विनायका ने बताया कि झारखंड में पहली बार यह फिल्म दिखाई जा रही है. इस फिल्म को दिखाने में पटना समाज से प्रेरणा मिली. इस फिल्म को दिखाने के लिए जैन महिला मिलन की संयोजिका आशा विनायका व सुशीला सेठी, अध्यक्ष प्रेमा लुहाड़िया, सचिव संतोष अजमेरा, प्रेमा टोंग्या, रुदस्य रुई सेठी व सहयोग में गुंजन सेठी व परिषद तैयारियों में जुटे हैं. इसे भी पढ़ें :गावां">https://lagatar.in/tisri-the-case-of-the-death-of-two-brick-kiln-workers-caught-fire-the-villagers-blocked-the-road/">गावां: ईंट भट्ठे के दो मजदूरों की मौत का मामला पकड़ा तूल, ग्रामीणों ने किया सड़क जाम [wpse_comments_template]

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