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हजारीबाग: अस्पताल में संसाधन का अभाव, मरीज और परिजन परेशान

Pramod Upadhyay Hazaribagh: अगर शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीज का इलाज कराने जा रहे हैं, तो खुद सबकुछ करने को तैयार रहें. क्योंकि हॉस्पिटल के भरोसे रहना बेकार है. अस्पताल में मरीजों को ट्रामा सेंटर से वार्ड तक ले जाने के लिए न ट्रॉली मिलती है, न ही स्ट्रेचर और न ही उसे खींचने वाला वार्ड ब्वॉय मिलता है. खुद ही मरीज को गोद में उठाकर वार्ड में भर्ती कराना पड़ता है. आए दिन यह नजारा देखने को मिलता है. शुक्रवार को भी ऐसी ही स्थिति थी. कटकमसांडी के कंडसार से एक बुजुर्ग अर्जुन राम को उनके परिजन इलाज कराने आए थे. उन्हें जेनरल वार्ड में भर्ती किया गया. इस दौरान ट्रामा सेंटर से उन्हें न स्ट्रेचर मिला, न ट्रॉली दी गई और न ही वार्ड तक पहुंचाने वाला वार्ड ब्वॉय मिला. परिजनों ने उन्हें गोद में उठाकर वार्ड तक पहुंचाया.

मामले की जांच की जाएगी : डीएस

शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट विनोद कुमार सिंह ने कहा कि अस्पताल में संसाधन उपलब्ध हैं. ऐसी बात है तो इस मामले की जांच की जाएगी. कहा कि अस्पताल में महज छह वार्ड ब्वॉय हैं. हर वार्ड में एक वार्ड ब्वॉय की जरूरत है. कम से कम यहां और छह वार्ड ब्वॉय की जरूरत है. अस्पताल में ट्रॉली और स्ट्रेचर उपलब्ध हैं. उसे ले जानेवाले वार्ड ब्वॉय का अभाव है.

एचएमसीएच की व्यवस्था का खेवनहार कोई नहीं : सीटू

सीपीएम के जिला सचिव गणेश कुमार सीटू ने कहा कि हजारीबाग शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्था में सुधार का खेवनहार कोई नहीं है. जनप्रतिनिधि सिर्फ सुर्खियों में रहने के लिए अपनी-अपनी उपलब्धियां गिनाते रहते हैं. किसी को मरीज की परवाह नहीं. कहा कि बड़े-बड़े भवन और बड़े-बड़े डॉक्टरों से कुछ नहीं होता है. मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं मिलनी चाहिए. मेडिकल कॉलेज बनने से पहले सदर अस्पताल में ही इससे बेहतर व्यवस्था थी. इसे भी पढ़ें– Good">https://lagatar.in/good-news-upsc-launches-mobile-app-will-get-these-benefits/">Good

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