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हजारीबाग मेडिकल कॉलेज दे रहा कोरोना को न्योता, खुले में फेंके हैं हजारों PPE किट, कोई कार्रवाई नहीं

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Hazaribagh: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अक्सर लापरवाही के मामले आते हैं. कोरोना काल में भी अस्पताल की लापरवाही कम नहीं हो रही है. बायो वेस्ट को खुले में फेका जा रहा है, जो खुलेआम बीमारी को न्योता दे रहा है. इस अस्पताल में लगभग डेढ़ महीने से डॉक्टरों और वार्ड ब्वॉय द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली पीपीई किट को खुले में ही छोड़ दिया गया है.
अस्पताल परिसर में छोड़े गए पीपीई किटों से आसपास रहने वाले लोगों में महामारी फैलने का खतरा लगातार.. बना हुआ है. लेकिन इस पर अस्पताल प्रबंधन का कोई ध्यान नहीं है. अस्पताल के अधीक्षक को इसकी सूचना दी गयी. लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ और आज भी पीपीई किट खुले में रखे हुए हैं.

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5 हजार पीपीई किट बोरे में बंद करके फेंके गये हैं

लगभग 5000 से अधिक पीपीई किट को कई बोरों में बंद कर यहां फेंका गया है. इनमें से कई बोरे खुले हुए हैं, जिससे उनमें भरा किट बाहर फैल गया है. उसी तरफ खुले में मवेशी खुलेआम घूमते हैं. साथ ही जहां यह पीपीई किट रखा गया है, उसी से सटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल का इमरजेंसी सेवा भवन है. साथ ही उसी से सटा हुआ पोस्टमार्टम हाउस और एंबुलेंस खड़ा करने का स्थान भी है. ऐसे में वहां आम लोगों की भी आवाजाही लगी रही है. ऐसे इलाके में पीपीई किट और कोरोना के इलाज में इस्तेमाल के बाद बचे दवाओं और दवाओं की खाली बोतलों को भी वहां फेंक दिया गया है.

इस तरह से खुले में मेडिकल वेस्ट फेंकने से एंबुलेंस ड्राइवर और अन्य स्टाफ भी परेशान हैं. एंबुलेंस ड्राइवर राहुल ने बताया कि ऐसे में खुले में फेंके गये इन कचरों से डर लगता है कि कहीं वो कोरोना पॉजिटिव ना हो जाये. राहुल ने बताया कि वो लगातार पोस्टमार्टम हाउस से शवों को ले जाने का काम करते हैं और दिन में कई बार इसी जगह पर आना होता है. ऐसे में इस इलाके में खुले में पीपीई किट को छोड़ देना एक तरह से बीमारी को निमंत्रण देना है. राहुल ने खुद इसकी शिकायत कई बार अस्पताल अधीक्षक से की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. यहां बता दें कि हाल ही में सिलेंडर चोरी मामले में चर्चित इस शहीद शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन किसी की सुनता नहीं है. और इस अस्पताल में सुधार की संभावना दूर-दूर तक नहीं लगती.

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