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Chatra News : हथियार सौदेबाजी में दोस्तों ने प्रमोद की हत्या कर शव बालू में गाड़ा, दो गिरफ्तार

चतरा पुलिस ने राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गड़िया गांव निवासी प्रमोद कुमार हत्याकांड का खुलासा कर लिया है. अवैध हथियार के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में दोस्तों ने ही प्रमोद को मौत के घाट उतार दिया और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को नदी किवारे बालू में गाड़ दिया.
 
  • हथियार दिलाने के नाम पर 40 हजार सििया था एडवांस
  • प्रेम-प्रसंग से शुरू हुई जांच अवैध हथियारों के सौदे तक पहुंची

Chatra :  चतरा पुलिस ने राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गड़िया गांव निवासी प्रमोद कुमार हत्याकांड का खुलासा कर लिया है. अवैध हथियार के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में दोस्तों ने ही प्रमोद को मौत के घाट उतार दिया और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को नदी किवारे बालू में गाड़ दिया.

 

मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में पथेल गांव निवासी सुनील कुमार और सुनील कुमार शामिल है. वहीं मामले में एक नाबालिग को भी निरुद्ध किया गया है.

 

गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त एक गमछा, रस्सी का टुकड़ा, तीन मोबाइल फोन, मृतक का मोबाइल और हत्या का कारण बने सात जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. इस बात की जानकारी एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. 

 

पुलिस के अनुसार, प्रमोद के साथी अवैध हथियार लेकर इलाके में किसी बड़ी लूट की घटना को अंजाम देने की प्लानिंग में थे. प्रमोद ने हथियार दिलाने के लिए 40 हजार रुपये एडवांस लिया. लेकिन वह हथियार सप्लाई नहीं कर पाया. इसी बात को लेकर दोस्तों के बीच विवाद बढ़ता गया और आखिरकार तीन दोस्तों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रच डाली. 

 

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मृतक ने हथियार आपूर्ति के नाम पर मिले पैसों से एक आईफोन भी खरीद लिया था. इसी कारण आरोपी लगातार उस पर हथियार उपलब्ध कराने का दबाव बना रहे थे. जब उन्हें लगा कि प्रमोद हथियार नहीं देगा, तब उन्होंने उसकी हत्या कर दी और शव को नदी की बालू में गाड़कर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया.

 

पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है.  गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त गमछा, रस्सी का टुकड़ा, मृतक का आईफोन, विभिन्न कंपनियों के तीन मोबाइल फोन और हत्या का कारण बने सात जिंदा कारतूस बरामद किए गए. 

 

लव अफेयर एंगल से पुलिस ने जांच की शुरू

गौरतलब है कि प्रमोद कुमार के पिता ने राजपुर थाना में अपने बेटे की अपहरण की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के आधार पर पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी. इसी दौरान गड़िया पुल के समीप नदी के बालू में गाड़ा एक शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान प्रमोद कुमार के रूप में हुई.

 

शव बरामदगी के बाद एसपी अनिमेष नैथानी के निर्देश पर एसडीपीओ सदर के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया. जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले प्रमोद के मोबाइल और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की.

 

इस दौरान विभिन्न लड़कियों से हुई चैटिंग के आधार पर प्रेम-प्रसंग के एंगल पर गंभीरता से पड़ताल की गई. लेकिन जैसे-जैसे तकनीकी साक्ष्य और ह्यूमन इंटेलिजेंस के इनपुट सामने आते गए, जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई. 

 

जांच के दौरान कई अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई.  परिजनों और ग्रामीणों के बयान, तकनीकी साक्ष्य और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि हत्या के पीछे मुख्य वजह अवैध हथियारों के लेनदेन का विवाद था.

 

जांच में खुलासा हुआ है कि इस हत्याकांड में कुछ और लोग भी संलिप्त है. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुटी है. पता लगाया जा रहा है कि आखिर अवैध हथियारों के इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. पुलिस बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चला रही है.

 

इस मामले के खुलासे में एसडीपीओ सन्नी वर्धन, सदर इंस्पेक्टर विपिन कुमार, राजपुर थाना प्रभारी रुपेश कुमार, एसआई अमित कुमार गुप्ता, एसआई संदीप प्रसाद वर्मा, तकनीकी शाखा एवं सशस्त्र बल के जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. 

 

 

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