- 20 नवंबर को पूरे दस्तावेज के साथ पेश होने को कहा
Hazaribagh News : हजारीबाग के ऐतिहासिक ओकनी तालाब के संरक्षण व जीर्णोद्धार को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी), कोलकाता ने कड़ा रुख अपनाया है. अदालत के पूर्व आदेशों का अनुपालन न करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर कंप्लायंस रिपोर्ट दाखिल नहीं करने पर अधिकरण ने हजारीबाग के डीसी व नगर आयुक्त को शोकॉज नोटिस जारी किया है. उन्हें 20 नवंबर को पूरे दस्तावेज के साथ पेश होने का आदेश दिया है.
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पीठ ने बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए पूछा है कि आदेश का पालन न करने के जुर्म में क्यों न उनके कार्यालय की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क कर नीलाम किया जाए. या फिर, दोनों अधिकारियों को जेल में बंद किया जाए. एनजीटी के न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ईश्वर सिंह की पीठ ने जय गोपाल राय द्वारा दायर याचिका (Execution Application No. 05/2026/EZ) पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया है.
यह है पूरा मामला
यह मामला ओकनी तालाब में आवासीय कॉलोनियों की नालियों का गंदा पानी बहाने और कचरा डंप करने से जुड़ा है. मूल आवेदन (O.A. No. 199/2024/EZ) पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने 3 जुलाई 2025 को आदेश दिया था कि हजारीबाग नगर निगम द्वारा तैयार 'ओकनी तालाब संरक्षण कार्ययोजना' को हर हाल में 3 जुलाई 2026 तक पूरा करें. अधिकरण ने हजारीबाग के डीसी को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी थी कि यह कार्य तय समय में पूरा हो. साथ ही 15 जुलाई 2026 तक इसकी कंप्लायंस दाखिल करने का निर्देश दिया था.
रिपोर्ट नहीं दाखिल करने पर लिया एक्शन
तय समय सीमा बीतने के बाद भी जब डीसी की ओर से अनुपालन रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई, तो आवेदक जय गोपाल राय ने निष्पादन याचिका (Execution Application No. 05/2026/EZ) दायर की. न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी व विशेषज्ञ सदस्य ईश्वर सिंह की पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन 'एनजीटी अधिनियम, 2010' की धारा 26 के तहत दंडनीय अपराध है.
एनजीटी अधिनियम की धारा 25 में यह प्रावधान है कि आदेश का पालन नहीं होने पर CPC की धारा के तहत संबंधित कार्यालय की संपत्ति जब्त करने से लेकर संबंधित अधिकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने तक की कार्रवाई की जा सकती है. अदालत ने कारण बताओ नोटिस जारी कर यह भी पूछा है कि इन अधिकारियों के खिलाफ धारा 26 के तहत आपराधिक मामला (Complaint) क्यों न दर्ज किया जाए.
अधिकरण ने तालाब के संरक्षण और आदेशों के अनुपालन के लिए हजारीबाग के डीसी व नगर आयुक्त को 20 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई में जरूरी दस्तावेजों व रिकॉर्ड के साथ सशरीर या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. आदेश की कॉपी ईमेल के माध्यम से दोनों अधिकारियों को भेज दी गई है.
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