Hazaribagh News : हजारीबाग जिले में दिवाली की तैयारी जोरों पर है. बाजार रंग-बिरंगे मिट्टी के बर्तन और दीयों से सज रहा है. जिले के मेरु में रहने वाली 25 वर्षीया छात्रा निशा कुमारी एक अलग पहचान बना रही हैं. यह पहचान उनके द्वारा बनाए जा रही सुगंधित मोमबत्ती के कारण मिल रही है. निशा कुमारी की बनाई मोमबत्ती सिर्फ प्रकाश ही नहीं, बल्कि सुगंध भी बिखेरेगी.
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Lagatar Media से बातचीत में निशा ने बताया कि वह बीएड की छात्रा हैं. घर का काम और पढ़ाई के साथ-साथ वह मोमबत्ती निर्माण के अपने इस छोटे से स्टार्टअप को लेकर काफी उत्साहित हैं. सुबह में घर के काम और दोपहर में कॉलेज में पढ़ाई के बाद रात में मोमबत्ती निर्माण उनकी दिनचर्या बन चुकी है. मोमबत्ती बनाने में छोटे भाई और मां का सहयोग भी मिलता है.
उन्होंने बताया कि उनकी बनाई मोमबत्ती सुगंधित होने के साथ पूरी तरह इको फ्रेंडली है. इसमें किसी तरह के केमिकल का प्रयोग नहीं होता. ये मोमबत्ती दूसरी मोमबत्तियों से ज्यादा देर तक जलेगी और सुगंध भी बिखेरेगी. उन्होंने 50 से अधिक तरह की सुगंधित मोमबत्ती तैयार की हैं, जिसमें मोदक, लड्डू, सुतली बम, फ्लोटिंग कैंडल और दीये शामिल हैं.
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की अनुमति से वह जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा, हजारीबाग में कैदियों को मोमबत्ती निर्माण का प्रशिक्षण दे चुकी हैं. उनकी बनाई मोमबत्तियां जिला समाहरणालय स्थित पलाश मार्ट में उपलब्ध हैं. दीपावली पर हजारीबाग के अलावा धनबाद, बोकारो, गिरिडीह और रामगढ़ जिले के बाजारों में उनकी मोमबत्तियों के दर्जनों काउंटर लगे हैं. इसके साथ ही नोएडा से भी डिमांड मिली है.
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